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हिज्बुल आतंकी के खिलाफ मामला बंद करने की अपील

हिज्बुल आतंकी के खिलाफ मामला बंद करने की अपील

कश्मीर के एक संदिग्ध आतंकवादी पर टाडा लगने के 18 वर्ष बाद सीबीआई ने दिल्ली की अदालत में उसके खिलाफ मामला बंद करने की अपील की है। सीबीआई ने अदालत से कहा कि वह इस संदिग्ध के खिलाफ पाकिस्तान के हिज्बुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाउद्दीन से धन पाने के आरोप तय करने के लिए उसका इकबालिया बयान लेने में असफल रही है।

मोहम्मद अहसान डार एवं सलाउद्दीन पर देश में आतंकवादी गतिविधियां चलाने के लिए टाडा के तहत मामले दर्ज हैं। 20 अप्रैल 1991 को दर्ज मामले में सीबीआई ने उस पर सलाउद्दीन से 10 हजार डॉलर और एक पत्र पाने का आरोप लगाया था।

बारामूला का रहने वाले डार (53) इतने वर्षों से फरार था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसे 14 जनवरी 2009 को गिरफ्तार किया और फिर जून में हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। सीबीआई ने अदालत से कहा कि उसने आरोपों को स्वीकार नहीं किया। उसने कहा कि सलाउद्दीन से उसके अच्छे रिश्ते नहीं हैं और उसने उसे डिवीजनल कमांडर के पद से हटा दिया और इसलिए उसके द्वारा भेजे गए दस हजार डॉलर एवं पत्र की बात सही नहीं है।

सीबीआई ने डार को अदालत से भगोड़ा घोषित करा दिया था। इसी अदालत में उसके सहअभियुक्त की 19 दिसंबर 1993 को सुनवाई हुई थी। एजेंसी अब यह कहते हुए पलट गई है कि उसके खिलाफ आरोप पत्र दायर नहीं करेगी, क्योंकि कोई ऐसी सामग्री नहीं मिली है।

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  • Web Title:हिज्बुल आतंकी के खिलाफ मामला बंद करने की अपील