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जनवरी तक भाजपा को नया अध्यक्ष, कवायद तेज

जनवरी तक भाजपा को नया अध्यक्ष, कवायद तेज

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दबाव में भाजपा में दूसरी पीढ़ी को नेतृत्व की कमान सौंपने की कवायद तेज हो चुकी है। राजनाथ सिंह की जगह जनवरी 2010 तक जहां औपचारिक रूप से पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा, वहीं उससे भी पहले लोकसभा में नेता विपक्ष के पद पर लालकृष्ण आडवाणी के स्थान पर किसी अन्य के आसीन होने की पूरी संभावना है।

इस महीने की पहली तारीख से पार्टी के संगठनात्मक चुनाव प्रारंभ होने के साथ ही अध्यक्ष के रूप में राजनाथ सिंह के कार्यकाल की समाप्ति की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इस बारे में संशय के बादलों का छंटना इसी महीने के अंत में संभावित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक से शुरू हो सकता है।

भाजपा का कोई भी नेता इन अटकलों पर कि आडवाणी शायद नौ नवंबर को शुरू होने जा रहे संसद सत्र से ठीक पहले आठ नवंबर को अपने 82वें जन्मदिवस पर पार्टी की संसदीय दल की बैठक में विपक्ष के नेता पद से हटने की घोषणा करते हुए यह जिम्मेदारी सुषमा स्वराज को सौंप देंगे, टिप्पणी करने को तैयार नहीं है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत भाजपा में तुरंत नई पीढ़ी को कमान सौंपने की सार्वजनिक तौर पर जरूरत जता चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी की कमान संभालने वाला नया नेतृत्व साठ साल से कम का होना चाहिए। कहा जाता है कि उन्होंने ऐसे व्यक्ति को नया अध्यक्ष बनाने की सलाह दी है जो युवा होने के साथ अधिकतर लोगों को स्वीकार्य हो तथा विवादास्पद नहीं हो।

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