DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब धूम्रपान की लत छुड़ाएंगी लेजर किरणें

धूम्रपान की लत छुड़ाने के सरकारी व गैर-सरकारी संस्था के प्रयास के बाद अब मार्केट में लेजर किरणें आ गई हैं। धूम्रपान की लत छुड़ाने में विकसित देशों में लेजर थेरेपी पहले से ही दी जा रही है लेकिन राजधानी में इसकी शुरुआत अब की जा रही है। अपने तरह की अनोखी अमेरिकन लेजर थेरेपी तकनीक की शुरुआत अपोलो अस्पताल के डाक्टरों की देखरेख में की गई है।

राजधानी में इस तकनीक की शुरुआत सोसायटी फार होलिस्टिक एडवांसमेंट आफ मेडिसिन (सोहम) और लेजर थेरेपी आफ अमेरिका ने मिलकर की है। सोहम के अध्यक्ष और होलिस्टिक मेडिसिन के सीनियर कंसल्टैंट डा. आर. के. तुली ने शनिवार को संवाददाताओं के साथ बातचीत में बताया कि अमेरिका में एफडीआई ने इस थेरेपरी का मान्यता प्रदान कर दी है और एफडीए के दिशा निर्देश में किए गए अध्ययनों से पता चला है कि यह थेरेपी लेने के बाद 85 से 95 प्रतिशत मरीज हमेशा के लिए धूम्रपान से तौबा कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि तम्बाकू या निकोटिन की लत से शरीर में एंडोमार्फीन की कमी होने लगती है।

इस इलाज में निकोलाइट लेजर की किरणें शरीर के प्रभावित अंग पर डाली जाती हैं जिससे एंडोमार्फीन का स्तर बढ़ जाताहै और व्यक्ति सिगरेट पीना छोड़ देता है। शरीर में नाक, कान, माथे, कलाई, बांहों, अंगुलियां पर कुल मिलाकर 31 उद्दीपक बिन्दु पाए जाते हैं। इन्हीं के जरिए लेजर किरणें डाली जाती हैं। लेजर किरणें छोड़ने वाली इस छोटी सी मशीन की कीमत दस लाख रुपए है। एक व्यक्ति को लेजर थेरेपी देने का चार्ज दस हजार रुपए निर्धारित किया गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अब धूम्रपान की लत छुड़ाएंगी लेजर किरणें