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नए बाजारों की तलाश करें हस्तशिल्प निर्यातकः मेनन

कपड़ा सचिव रीता मेनन ने कहा है कि जरूरत होने पर हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार विदेश व्यापार नीति में कुछ बदलाव कर सकती है। यहां हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा आयोजित भारतीय हस्तशिल्प एवं उपहार मेले का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प निर्यातकों को नए बाजार तलाशने चाहिए और अपने उत्पादों में विविधता लानी चाहिए।

कपड़ा सचिव ने कहा,  हस्तशिल्प एवं उपहार उत्पादों के 250 अरब डालर के वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी महज दो फीसद है। हमें इसे कम से कम चार फीसद तक ले जाने के लिए प्रोत्साहन के तौर तरीके खोजने होंगे।

उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने इस क्षेत्र को सर्वोच्च वरीयता प्रदान की है। उन्होंने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने, विलुप्तप्राय शिल्पों को पुनर्जीवित करने तथा शिल्पकारों के कल्याण का भरोसा दिलाते हुए कहा कि हस्तशिल्प क्षेत्र हमारे लिए सर्वोपरि है।

इस अवसर पर ईपीसीएच के अध्यक्ष राजकुमार मल्होत्रा ने कहा, अब हम दूसरी ओर अपना ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं। हम अभी तक पूरी तरह उभरकर सामने नहीं आ पाए नए बाजारों की ओर ध्यान केन्द्रित करने का प्रयास कर रहें हैं। इन बाजारों में इतनी मांग है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे प्रमुख आयातकों की मांग में कमी की वजह से हो रहे नुकसान की भरपाई की जा सके।

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