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मैकाय व क्वीनी ने तोड़ा दिल्ली का दिल

मैकाय व क्वीनी ने तोड़ा दिल्ली का दिल

वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और तिलकरत्ने दिलशान जैसे दिग्गज बल्लेबाजों से सजी दिल्ली डेयरडेविल्स को सैकड़े से पहले ही रोकने में कामयाबी हासिल करने के बाद विक्टोरिया बुशरेंजर्स ने राब क्वीनी से मिली तूफानी शुरुआत की मदद से शुक्रवार को चैंपियंस लीग टवेंटी़ 20 टूर्नामेंट के ग्रुप डी में 20 गेंद शेष रहते हुए सात विकेट की जीत के साथ शानदार आगाज किया।

फिरोजशाह कोटला मैदान की रग रग से वाकिफ दिल्ली के बल्लेबाजों के लिए नई पिच और अति आत्मविश्वास घातक साबित हुआ। तेज गेंदबाज क्लिन्ट मैकाय तथा अनुभवी एंड्रयू मैकडोनाल्ड और शेन हारवुड की कसी हुई गेंदबाजी के सामने डेयरडेविल्स आठ विकेट पर 98 रन ही बना पाया। उसकी तरफ से केवल तीन बल्लेबाज मिथुन मन्हास (25), सहवाग (21) और तिलकरत्ने दिलशान (18) ही दोहरे अंक में पहुंचे। मैकाय ने 17 रन देकर तीन विकेट जबकि एंड्रयू मैकडोनाल्ड और शेन हारवुड ने दो-दो विकेट लिए।

गंभीर को विश्वास था कि उनके गेंदबाज भी पिच से पूरा फायदा उठाएंगे क्योंकि बाद में बल्लेबाजी करना वैसे भी मुश्किल लग रहा था लेकिन आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने विकेट से अच्छी तरह सामंजस्य बिठाकर चतुराई से बल्लेबाजी की। क्वीनी ने 33 गेंद पर चार चौकों और तीन छक्कों की मदद से 40 रन बनाए। विक्टोरिया को इस अच्छी शुरुआत से भरपूर मदद मिली और उसने 16.4 ओवर में तीन विकेट पर 100 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की।

इंडियन प्रीमियर लीग में तीसरे स्थान पर रहकर चैंपियंस लीग में खेलने का हक पाने वाली दिल्ली डेयरडेविल्स को अब टूर्नामेंट में बने रहने के लिए रविवार को श्रीलंका की वायम्बा के खिलाफ होने वाले मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
 दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम काफी हद तक अपने शीर्ष क्रम पर निर्भर है लेकिन आज उसके चोटी के चारों बल्लेबाजों ने निराश किया। कंधे की चोट के कारण आईपीएल के बाद किसी बड़े टूर्नामेंट में खेल रहे सहवाग ने शुरू में जरूर अपनी ख्याति के अनुरूप बल्लेबाजी की लेकिन वह अधिक देर तक नहीं टिक पाए जबकि गंभीर, दिलशान और ओवैस शाह ने विशेष रूप से इन बल्लेबाजों को देखने के लिए आए दर्शकों को बेहद निराश किया।


विक्टोरिया के बल्लेबाजों को दिल्ली के धीमी गति के गेंदबाजों को खेलने में खासी परेशानी हुई लेकिन राब क्वीनी ने शुरू में तेजी से रन जुटाकर उसका काम आसान कर दिया था। क्वीनी ने ब्रैड हाज के साथ पहले विकेट के लिये 55 रन की साझेदारी की जिसमें हाज का योगदान केवल नौ रन था। पिछले सत्र में क्वीन्सलैंड के खिलाफ अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक जमाने वाले क्वीनी ने आशीष नेहरा की गेंद लांग आन पर छह रन के लिए भेजकर अपने हाथ खोले तथा इसके बाद अमित मिश्रा पर भी लांग आन और मिडविकेट पर छक्के जमाए। मिश्रा ने ही हालांकि उनकी पारी का अंत भी किया जब चकमा देती गेंद बायें हाथ के इस बल्लेबाज का विकेट उखाड़ गई।

दिलशान ने अगले ओवर में ब्रैड हाज जबकि रजत भाटिया ने डेविड हसी की गिल्लियां उखाड़ी लेकिन दिल्ली के गेंदबाजों को छोटे स्कोर का बचावकरना था और यही वजह थी विक्टोरियाई कप्तान कैमरून व्हाइट (नाबाद 22) ने किसी तरह का जोखिम नहीं उठाया जबकि एलन ब्लिजार्ड नेभाटिया की गेंद पर छक्का जड़कर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया।

इससे पहले सहवाग की जगह पर डेयरडेविल्स की कप्तानी संभालने वाले गंभीर कोई जलवा नहीं दिखा पाए और हारवुड की नीची रहती गेंद पर बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। इसके बाद विक्टोरिया के लिए शैफील्ड शील्ड में 21.42 की औसत से 33 विकेट लेकर उसकी खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले मैकाय ने दिल्ली को झकझोर कर रख दिया। पहले बदलाव के रूप में आए दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने सहवाग का अपनी ही गेंद पर खूबसूरत कैच लिया और फिर शाह को विकेट के पीछे कैच कराया। सहवाग ने अपने 21 रन के लिए 15 गेंद खेली और चार चौके लगाए।

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