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आतंकियों से बात कराता था जौनपुर का रमज़ान

मध्य प्रदेश की पुलिस ने दो दिन पहले केराकत के जिस रमजान की तलाश में छापेमारी की, उस पर आरोप है कि उसने दूसरे के नाम पर सिम लेकर खाड़ी के देशों व अन्य जगहों पर आतंकवादी गिरोहों से बात करायी थी। मध्य प्रदेश एटीएस ने दावा किया है कि, रमजान ने बीएसएनएल के अधिकारियों से मिलकर लगभग छह लाख रुपये की बात आतंकवादी गिरोहों से कराई है। इसी आरोप में वहां की एटीएस टीम ने रमजान के न मिलने पर उसके पिता व दो चचेरे भाइयों को उठा लिया है। इस बात को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

उधर घर वाले इस आरोप को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि, रमजान कम्प्यूटर की शिक्षा ग्रहण कर रहा था। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश की एटीएस टीम ने केराकत के सिपाह मोहल्ले में रमजान खान के घर सोमवार को तड़के स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी की। पुलिस के पहुंचने से पहले रमजान घर से फरार हो गया था। धोखाधड़ी का मामला बताते हुए एटीएस वाले कलाम खां, सद्दाम खां, शालू खां को हिरासत में लेकर मध्य प्रदेश ले गई। वहां पत्रकारों से बात करते हुए एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि, केराकत का रमजान मध्य प्रदेश के दमोह जिले में राहुल सेठ बनकर रह रहा था।

उसने राहुल के नाम से पोस्टपेड का एक सिम खरीदा, जिसका नंबर 9425405525 था। इसके अलावा रमजान ने दशरथ प्रजापति के नाम से भी 9425405580 नंबर का एक सिम लिया था। दशरथ एक मजदूर है। एटीएस का आरोप है कि, राहुल बने रमजान ने इन दोनों नम्बरों से बीएसएनएल अधिकारियों की मिलीभगत से लगभग छह लाख रुपये से अधिक की बात खाड़ी देशों व आतंकवादी गिरोह से करायी है। इस मामले में रमजान के भाईयों के अलावा बीएसएनएल के तीन अधिकारी भी हिरासत में लिए गए हैं कि, इतने पैसे की बात कैसे होती रही।

उधर कलाम की पत्नी नाजमां खां ने कहा कि, उनके पति को फर्जी ढंग से फंसाया जा रहा है। घर वालों का कहना है कि, रमजान ऐसा नहीं है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर राहुल राज ने कहा कि, इस बारे में पता कराया जाएगा कि वह किस तरह का आदमी है। उसके परिवार का बैक ग्राउन्ड क्या है। इन सभी पहलुओं पर पुलिस जांच करेगी।  

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