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मिलों के फायदे के लिए अफसरों का ‘खेल’

धान खरीद के बाद मिल मालिकों (आढ़तियों) को फायदा पहुँचाने के लिए खाद्य विभाग के अफसरों ने ही खूब गोलमाल किया। पनकी डिपो में स्टाक में हेराफेरी कर सीएमआर चावल को फर्जी तरीके से लेवी में बदलवा दिया। मिल मालिकों से साठगाँठ कर यहाँ घटिया चावल भी उतरवाया गया। विभाग की पाँच सदस्यीय टीम ने डिपो में जाँच के बाद यह खेल पकड़ा है। टीम ने धान खरीद और भुगतान की जाँच की भी सिफारिश की है। 

सरकारी धान खरीद में सीएमआर वह होता है जो धान क्रय केंद्रों पर खरीदा जाता है। इसका चावल मिलों में निकलवाकर स्टेट पूल में रखा जाता है। मिलों को इसकी कुटाई का भुगतान विभाग करता है। इसी तरह लेवी उसे कहते हैं जो धान मिल वाले खरीदते हैं। मिल मालिकों को लेवी चावल का 75 फीसदी सरकारी लेवी में जमा करना जरूरी है। इस चावल का पेमेंट भी विभाग ही करता है।

मामला कानपुर ग्रामीण क्षेत्र में 2008-09 की स्टेट पूल में धान खरीद से जुड़ा है। इस धान का चावल कानपुर के पनकी डिपो में रखवाया गया था। पिछले दिनों पनकी डिपो में कानपुर देहात के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, अकबरपुर के विपणन निरीक्षक और स्टेट वेयर सेंटर (एसडब्ल्यूसी) नौबस्ता के वरिष्ठ विपणन निरीक्षक की अगुवाई में टीम ने यहाँ स्टाक और अभिलेखों की जाँच की।

यहाँ भंडार अधीक्षक और विपणन निरीक्षक के अभिलेख देखे गए तो विपणन निरीक्षक के कागजों में 7200 बोरों में लगभग 359 मीट्रिक टन लेवी चावल ज्यादा निकला।  पता चला कि 20 लाटों में यह चावल तत्कालीन बिल्हौर केंद्र के विपणन निरीक्षक बाबू राम ने सीएमआर स्टाक में उतरवाया था। लेकिन कानपुर नगर के खाद्य विपणन अधिकारी (डिप्टी आरएमओ) ने 10 फरवरी 09 ने पनकी डिपो को आदेश जारी कर इस चावल को लेवी में बदलने के आदेश दे दिए। सीएमआर के एक्नालेजमेंट प्रपत्र में इस चावल को लेवी में दिखाने के लिए काटपीट की गई। इसमें सिर्फ विपणन निरीक्षक ने दस्तखत किए। भंडार अधीक्षक ने नहीं किया। बाद में इस चावल का भुगतान लेवी के रूप में मिल मालिकों को कर दिया गया। 

जाँच टीम ने संभागीय खाद्य नियंत्रक और प्रदेश के खाद्य आयुक्त को भेजी अपनी रिपोर्ट में इस गड़बड़झाले के लिए बिल्हौर के तत्कालीन केंद्र प्रभारी बाबू राम और डिप्टी आरएमओ कानपुर नगर को दोषी बताया है। रिपोर्ट में कहा है कि बिल्हौर के केंद्र प्रभारी बाबूराम द्वारा की गई फर्जी धान की खरीद को छिपाने के लिए डिप्टी आरएमओ कानपुर नगर ने गलत निर्देश जारी कराए।

टीम ने बिल्हौर में लेवी में खरीदे धान और मिलर्स को भुगतान की गहन जाँच की भी सिफारिश की है। गोदाम में 20 बोरों में लेवी का घटिया चावल भी पाया गया। स्टाक में कीड़े और घुन भी लगे होने की बात कही गई है। 

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