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मृतक आश्रित कोटे के शिक्षकों को मिला वरिष्ठता का लाभ

राज्य सरकार ने मृतक आश्रित कोटे के रूप में पांच साल से तैनात शिक्षकों को वरिष्ठता व प्रोन्नति का लाभ देने का फैसला किया है। उन्हें तीन साल के अंदर बीटीसी की ट्रेनिंग करना जरूरी होगा। इस बारे में गुरुवार को शासनादेश जारी हो गया। इस फैसले से राज्य के 20 हजार से ज्यादा शिक्षक लाभान्वित होंगे। प्राथमिक स्कूलों में मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति शिक्षकों की वरिष्ठता व प्रोन्नति का मामला एक दशक से भी ज्यादा समय से लंबित था।

अदालत ने बिना बीटीसी की ट्रेनिंग के इन्हें नियमित शिक्षक मानने से ही इनकार कर दिया था। शासन की मृतक आश्रितों कोटे के शिक्षकों की वरिष्ठता के बारे में कोई नीति न होने का खामियाजा इनको उठाना पड़ रहा था। सरकार इतने बड़े पैमाने पर इनकी ट्रेनिंग कराने की स्थिति में नहीं थी। जिससे स्कूलों में शिक्षकों के सैकड़ों पद खाली पड़े थे। इस समस्या को पिछले दिनों ‘हिन्दुस्तान’ ने उठाया। 

जारी शासनादेश के अनुसार 30 जून 2009 तक पांच साल की अनवरत संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले मृतक आश्रित के रूप में नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को नोशनल वरिष्ठता, पांच साल पूरी करने की तारीख से दी जाएगी। यह लाभ उन अप्रशिक्षित शिक्षकों को मिलेगा जिनका समय से प्रशिक्षण नहीं कराया जा सकता और इस कारण उनकी नियमित नियुक्ति नहीं हो सकी अतः उन्हें वरिष्ठता का लाभ भी नहीं मिला। शासनादेश में कहा गया है कि यह लाभ उन शिक्षकों को नहीं मिलेगा जिन्हें विभाग द्वारा बीटीसी के प्रशिक्षण के निर्देश दिए गए फिर भी उन्होंने जानबूझ का प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया।   

जिन शिक्षकों को नोशनल लाभ मिल रहा है उन्हें दो साल का सेवाकालीन अनिवार्य प्रशिक्षण पूरा करना होगा। यह प्रशिक्षण इस शासनादेश जारी होने के तीन साल के अंदर ही सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य होगा। शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार ने इस शासनादेश के लिए सरकार को बधाई दी है।

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