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वन्य जीवों के हमले में 286 की मौत

उत्तराखण्ड के पथक राज्य बनने के बाद से अब तक वन्यजीवों के हमले से 286 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तेन्दुए के हमले में 189 व्यक्ति मारे गये। पिछले तीन वर्ष के दौरान ही 89 लोगों को तेंदुओं के हमलों में अपनी जान गंवानी पड़ी है। सूत्रों के अनुसार, वन्यजीवों के हमले में इंसानों की मौत के बाद पिछले दो वर्ष में चार करोड़ 42 लाख रूपये का मुआवजा दिया गया है।
    

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ऐसा नहीं कि जंगली जानवारों के साथ जारी संघर्ष में केवल इंसानों ने ही अपनी जान गंवाई है बल्कि करीब 15 हाथियों और 44 तेन्दुए भी इस दौरान मारे गये। अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जहां 15 हाथी और 44 तेन्दुओं को इंसानों ने अपना शिकार बनाया वहीं, 132 तेन्दुए और 61 हाथी दुर्घटना के चलते मारे गये।
    

आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन वर्ष के दौरान हुए संघर्ष में 133 लोग घायल हुए हैं और सरकार ने 192 मामलों में मुआवजा दिया है। वैसे तो पूरे राज्य में जंगली जानवरों और इंसानों के बीच संघर्ष का दौर चलता रहता है लेकिन ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में रहने वाले जंगली हाथियों पर इस संघर्ष का सबसे अधिक असर देखा गया है। अधिकांश हाथी इसी इलाके में इंसानी संघर्ष के दौरान मारे गये हैं।

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