DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भविष्य निधि फंड को बाजार में लगाने का फैसला टला

भविष्य निधि फंड को बाजार में लगाने का फैसला टला

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की वित्त एवं निवेश समिति ने ईपीएफओ के फंड को शेयर बाजार में निवेश करने के फैसले को टाल दिया है।

सूत्रों का कहना है कि ईपीएफओ के 2.57 लाख करोड़ रुपये के कोष में से तीन से पांच प्रतिशत का निवेश शेयर बाजारों में करने के बारे में वित्त एवं निवेश समिति अब 24 अक्तूबर को अंतिम फैसला करेगी।

बताया जाता है कि 24 अक्तूबर को वित्त एवं निवेश समिति की बैठक से पहले कर्मचारी और नियोक्ताओं के प्रतिनिधियों के बीच एक घंटे की बैठक होगी। यदि कर्मचारी भविष्य निधि कोष से कुछ राशि को शेयर बाजारों में निवेश की अनुमति मिल जाती है, तो इससे पूंजी बाजार में 13,000 करोड़ रुपये का प्रवाह होगा।

बैठक से पहले कई ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने ईपीएफओ के फंड को शेयर बाजारों में लगाने के बारे में अपनी आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि सेवानिवृति कोष की राशि का जोखिम भरे उत्पादों में निवेश उचित नहीं होगा। इससे पहले 18 अगस्त को हुई वित्त एवं निवेश समिति की बैठक में ईपीएफओ के अधिकारियों ने सुझाव दिया था कि कुछ फंड का निवेश शेयर बाजारों में किया जाना चाहिए।

ईपीएफओ के कोष का 15 प्रतिशत शेयर बाजारों में लगाने का विचार सबसे पहले वित्त मंत्रालय ने दिया था। मंत्रालय का कहना था कि बेहतर रिटर्न के लिए ईपीएफओ के कुछ फंड का शेयर बाजारों में निवेश किया जाना चाहिए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भविष्य निधि फंड को बाजार में लगाने का फैसला टला