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ग्रुप-ए: डेक्कन चार्जर्स, समरसेट, त्रिनिदाद

ग्रुप-ए: डेक्कन चार्जर्स, समरसेट, त्रिनिदाद

डेक्कन चार्जर्स (भारत)- आईपीएल-1 में आखिरी पायदान पर रहने वाले चार्जर्स आईपीएल-2 के विजेता रहे।

टीम- एडम गिलक्रिस्ट (कप्तान), रोहित शर्मा, वीवीएस लक्ष्मण, अजहर बिलखिया, वेणुगोपाल राव, एंड्रयू सायमंड्स, स्कॉट स्टायरिस, शोएब अहमद, हरमीत सिंह, चमिंडा वास, टी सुमन, आरपी सिंह, फिडेल एडवर्ड्स, रेयान हैरिस, प्रज्ञान ओझा
कोच- डैरेन लेहमन

मजबूती- गिलक्रिस्ट, रोहित शर्मा, सायमंड्स, वेणुगोपाल जैसे डेक्कन चार्जर्स के बल्लेबाज टीम की बैटिंग को तो मजबूती देते हैं ही, लेकिन टीम की असली ताकत इसकी गेंदबाजी है। आईपीएल-2 में आरपी सिंह ने सबसे ज्यादा विकेटें लेकर पर्पल कैप पहनी थी। आरपी के अलावा फिडेल एडवर्ड्स और चमिंडा वास भी गेंदबाजी पक्ष को मजबूत बनाते हैं। साथ ही प्रज्ञान ओझा की स्पिन भी टीम के लिए मददगार साबित होगी।

कमजोरी- डेक्कन चार्जर्स की बल्लेबाजी में गहाराई की कमी और खिलाड़ियों का क्रिकेट से दूर रहना मुश्किल का सबब बन सकता है। गिलक्रिस्ट रिटायरमेंट की वजह से क्रिकेट से कोसों दूर हैं। आखिरी बार उन्होंने आईपीएल-2 में हिस्सा लिया था। रोहित शर्मा, वेणुगोपाल राव और लक्ष्मण भी टीम इंडिया से लंबे समय से बाहर होने के चलते सिर्फ घरेलू क्रिकेट में ही हाथ आजमा सकें हैं। साथ ही सायमंड्स और स्टायरिस जैसे खिलाड़ियों का भी अपनी-अपनी अंतरराष्ट्रीय टीमों का हिस्सा न होने की वजह से क्रिकेट से लगभग नाता टूट चुका है।

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समरसेट सीसीसी (इंग्लैंड)- 2005 में विजेता रह चुकी समरसेट की टीम इंग्लैंड काउंटी कल्ब के टी20 टूर्नामेंट में इस बार उपविजेता रही थी।

टीम- जस्टिन लैंगर (कप्तान), माकर्स ट्रेस्कोथिक, जोस बटलर, वेस डर्स्टन, क्रेग कीसवेटर, अरुल सुप्पैयहा, पीटर ट्रेगो, मार्क टर्नर, चार्ल विलफबाय, ओमेरी बैंक्स, जेंडर डी ब्रयून, जेम्स हिल्डरेथ, बेन फिलिप्स, अल्फांसो थॉमस, मैक्स वेलर
कोच- जैसन केर, पीटर सेंडरसन और एंडी हर्रे


मजबूती- समरेट के पास बल्लेबाजों और गेंदबाजों को अच्छा मिश्रण है। टीम की सबसे बड़ी मजबूती ट्रेस्कोथिक और लेंगर के रूप में उसकी सलामी जोड़ी है। टी20 मैचों में जहां ट्रेस्कोथिक 30 मैचों में लगभग 37 की औसत और 156 की स्ट्राइक रेट से 1024 रन बनाकर टॉप स्कोरर हैं, वहीं लेंगर के नाम 37 मैचों में 30 की औसत और 140 की स्ट्राइक रेट से 968 रन हैं। जबकि ब्रयून 48 मैचों में 1016 रनों के साथ टीम के दूसरे सबसे बड़े स्कोरर हैं। वहीं विलफबाय, अल्फांसो और बेन फिलिप्स के रूप में टीम के पास अच्छा गेंदबाजी आक्रमण भी है।

कमजोरी- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके टीम के दोनों प्रमुख बल्लेबाज ट्रेस्कोथिक और लैंगर ने अर्से से इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला है। इन दोनों के अलावा टीम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके खिलाड़ी न के ही बराबर हैं। ट्रेस्कोथिक और लैंगर को छोड़कर बाकी सभी खिलाड़ी भारतीय पिचों पर नौसिखिया ही हैं।

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त्रिनिदाद एंड टोबैगो (वेस्टइंडीज)- टूर्नामेंट में खेलने वाली इकलौती कैरिबियाई टीम।

टीम- डेरेन गंगा (कप्तान), ड्वेन ब्रैवो, एड्रियन बेरेथ, डेरैन ब्रावो, शेरविन गंगा, सुनील नरेन, किरोन पोलार्ड, रवि रामपॉल, नेविन स्टीवर्ट, सैमुअल बद्री, रेयाद एमरित, डेव मोहम्मद, विलियम पर्किंस, दिनेश रामदीन, लेंडल सिमोंस 
कोच- केल्विन विलियम्स

मजबूती- टीम के पास पांच अच्छे इंटरनेशनल खिलाड़ी हैं, जिसमें से सबकी नजरें ऑलराउंडर ड्वेन ब्रैवो पर ही टिकींरहेंगी। ब्रैवो भी अपनी टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं। उन्हें आईपीएल में मुंबई इंडियंस की ओर से भारतीय पिचों पर टी20 खेलने का अच्छा खासा अनुभव है। इसके अलावा रामदीन, डेरेन गंगा, डेरैन ब्रावो और रवि रामपॉल के अंतरराष्ट्रीय अनुभव का फायदा टीम को मिल सकता है।

कमजोरी- टीम की बैटिंग लाइन अप सबसे बड़ी कमजोरी है और बल्लेबाज टी20 के हिसाब से तेजी से रन बटोरने में माहिर नहीं है। साथ ही बॉलिंग डिपार्टमेंट में भी रामपॉल को छोड़कर अनुभव की काफी कमी है।

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