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उत्सव का वो पल बस आने वाला है

उत्सव का वो पल बस आने वाला है

जिसके लिए समय और बजट दोनों का हिसाब-किताब लगाना जरूरी हो जता है। अभी दीवाली में करीब-करीब एक हफ्ता है। अभी से अपनी तैयारियां शुरू करके आप दीवाली को न सिर्फ खास रंग दे सकेंगे, भरपूर एंज्वॉय भी करेंगे।

कैसा हो दीवाली का बजट
वास्तु विशेषज्ञ नरेश सिंगल के अनुसार, ‘यह त्योहार लक्ष्मी की पूजा से जुड़ा है। ऐश्वर्य की देवी लक्ष्मी स्वच्छता और सुंदरता में निवास करती हैं, इसलिए इस मौके पर घर की आंतरिक सज्जा से लेकर ऐश्वर्यपूर्ण साजो-समान की खरीदारी को शुभ माना जाता है।’ यदि आप भी ऐसा मानते हैं तो सबसे पहले आपको बजट का हिसाब-किताब बनाना होगा। भले ही फिर चाहे आपको बोनस की सौगात मिलती हो या फिर फेस्टिवल एडवांस।
मनी मैटर्स नामक फाइनेंशियल कंसेल्टेंसी फर्म के सुपरवाइजर राजीव मलिक कहते हैं कि परिवार के सदस्यों के आधार पर अपने बजट को बांटें। सभी खर्चो को कपड़े, मिठाइयां, आतिशबाजी आदि मदों के अनुसार बांट लें। यदि कोई बड़ा सामान खरीदना है तो उसे अलग से लिखें। पर्सनल फाइनेंस मैनेजर अबीर उप्रेती के अनुसार, ‘अगर आप पहले ही यह बजट बना लेंगे तो फालतू मदों पर खर्च करने से बचेंगे। अंतिम समय की खरीदारी  अधिक महंगी और कई बार अनुपयोगी साबित होती हैं।’ दीवाली 17 की है।  इस तरह खर्च करें कि आपके पूरे महीने का बजट भी सही रहे।

सही खरीदारी
दीवाली पर की जाने वाली शॉपिंग दो तरह की होती है। एक अपने लिए, दूसरी अन्य लोगों के लिए।  ऐन दीवाली पर खरीदारी करने का मतलब है- बेवजह की भीड़भाड़ का सामान और औने-पौने दामों में खरीदारी। अभी शॉपिंग करने निकलेंगे तो ट्रैफिक से बचेंगे, अपने मन मुताबिक सामान खरीदेंगे और मोल-भाव भी जी भरकर कर सकेंगे। यह समय अपने दोस्तों, मित्रों और यहां तक कि अपने बॉस को खुश करने का भी है। उनकी रुचि व पसंद को ध्यान में रख कर गिफ्ट्स खरीदिए। सेन इनोवेशन की प्रमुख मनीषा के अनुसार गिफ्ट्स शॉपिंग के लिए यह समय पूरी तरह उपयुक्त है। अंतिम दिनों में न ही लोगों के पास अपनी पसंदीदा चीज को ढूंढ़ पाने के लिए पर्याप्त समय होता है और न ही दुकानदार के पास। अक्सर लोग ऐसी चीजों पर खर्च करते दिखाई देते हैं, जो न ही पसंद की होती है और न ही उपयोग की। मनीषा के अनुसार, खूबसूरत पैकिंग उपहार को और भी अमूल्य बना देती है।

आकर्षक साज-सज्जा
यदि अभी तक आपने घर के इंटीरियर की ओर ध्यान नहीं दिया है तो अब संभल जाएं। पुताई या रंग-रोगन नहीं कराना है तो भी घर की उचित साफ-सफाई को भी पूरा समय चाहिए। इंटीरियर डिजइनर रौनक झा के अनुसार, ‘रंगों के अच्छे तालमेल तथा चादर, परदे, कुशन कवर आदि के सही इस्तेमाल से भी आप घर के इंटीरियर को आकर्षक लुक दे सकते हैं। घर को इस बार रोशन करने की कोशिश कीजिए और वह भी फ्लोरेसेंट कलर्स से। परदे, कुशन कवर और बेडशीट, सोफा कवर भी डिफरेंट कलर्स वाले हों और सबमें एक सिम्रिटी हो, पैटर्न्स की या कॉम्बिनेशंस की। इनके बीच हरे और लाल रंग का इस्तेमाल करना अच्छा फेस्टिव लुक देगा।  घर में हरे पौधे सजइए।’ रोलेक्स नाम से मिलने वाले चार लेयर के दीयों की आजकल खूब धूम है। इनकी हर लेयर पर छह लाइटें हैं। इन्हें आप घर के बाहर रखें या अंदर- ये पूरी रात रोशनी देते रहते हैं। सजवटी लाइट स्टैंड भी हैं, इनकी एलसीडी सिरीज 10 से 12 फुट की हैं और इनमें लक्ष्मी-गणोश बैठे हैं- वह भी वॉटरफॉल के बीचोबीच। यह वॉटरफॉल भी लाइटों का ही है। कुछ लाइटें ओम और स्वस्तिक के आकार वाली भी हैं। 
पार्टी अरेंजर फर्म सुस्वागतम की प्रबंधक मीनल मेहता कहती हैं, ‘खाने-पीने की चीजों के अलावा क्रॉकरी-कटलेरी, टेबल क्लॉथ और नैपकिन आदि को भी पहले से तैयार कर लें। इसके अलावा पूजा की सामग्री और लक्ष्मी-गणोश की मूर्तियां पहले से ही एकत्रित कर लें। अगर पूजा के लिए अलग से कमरा है तो उसे सजा लीजिए। वास्तु विशेषज्ञ नरेश सिंगल के अनुसार, पूज के कमरे में दंपती को एक साथ शयन नहीं करना चाहिए। अत: पूज का स्थान निर्धारित करते समय यह बात भी ध्यान रखें।

मिलने-जुलने का सही समय
दीवाली सोशलाइजिंग का मौका देने वाला त्योहार है। दोस्त बनाने और रूठे दोस्तों को मनाने का यह सही समय है, इसलिए दोस्तों के साथ अपने गिले-शिकवों को दूर कीजिए। उन्हें अपने घर आने का निमंत्रण दीजिए। कॉरपोरेट फर्म में काम करने वाले सुरेश कहते हैं, ‘अंतिम दिनों में घर में इतने लोगों का जमावड़ा हो जाता है कि आप अपने खास लोगों को उचित समय नहीं दे पाते। मिलने-जुलने की पूरी प्रक्रिया चंद मिनटों की औपचारिकता में सिमटी रह जाती है।’

मीठा हो जाए
अधिकतर लोग मानते हैं कि यह समय खाने-पीने की चीजों की खरीदारी का नहीं है, पर हमारी सलाह है कि उन चीजों की तैयारी की जा सकती है, जो खराब नहीं होने वालीं। दूध से बनी मिठाइयों की बात न करें तो नमकीन, ड्राई फ्रूट्स और चॉकलेट्स तो खरीद ही सकते हैं। घर पर मिठाइयां बना कर अंतिम दिनों की मिलावट से बच सकते हैं।

‘साज-सज्जा में नकारात्मक ऊज्र वाली वस्तुओं से बचें। सलेटी, काला और गाढ़े हरे रंग की बजए कॉर्नर्स में गोल्डन रंग प्रयोग करें। उत्तरी दीवार पर दर्पण लगाना समृद्धि लाता है।’
 
नरेश सिंगल, वास्तु विशेषज्ञ

‘यदि आपके पास पिछली सेविंग नहीं है तो ऐसा बजट बनाएं कि आपके महीने के बजट पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। सभी मदों के अनुसार खर्च को बांट लें। डिस्काउंट ऑफर्स का लाभ उठाएं। ’
अबीर उप्रेती, फाइनेंस मैनजर

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