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आंधी ने उखाड़े बिजली के 70 खंभे

सोमवार को दोपहर में आयी आंधी ने राजधानी और आसपास के इलाकों में कहर बरपा दिया। तेज हवा ने रांची में बिजली के 70 खंभों को उखाड़ दिये। इसके कारण 50 किलोमीटर लंबे बिजली के तार तितर-बितर हो गये। तार के टूटने और खंभों के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण अपराह्न डेढ़ बजे के बाद राजभवन, कांके ग्रामीण, कांके शहरी, विकास और सर्किट हाउस फीडर से बिजली की आपूर्ति ठप हो गयी। राजधानी के आसपास के सभी विद्युत केंद्रों से बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गयी। देर रात तक आधी रांची अंधेर में डूबी रही।ड्ढr फिर शुरू हुआ मरम्मत का काम, जो देर तक जारी था। पहली बार एसा हुआ है कि बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी देर रात तक जग कर बिजली के खंभों को खड़ा करने में जुटे रहे। मरम्मत के बाद देर रात कई इलाकों में बिजली आपूर्ति शुरू की गयी। नागरिक भी बिजली आपूर्ति बहाल करने में विभाग के कर्मचारियों को सहयोग कर रहे थे।ड्ढr कोकर में पेड़ गिरने से 11 हाार केवी बिजली का पोल उखड़ गया और उसमें लगे बिजली के छह तार टूट कर बिखर गये। इस कारण कोकर चुना भठ्ठा सहित कोकर औद्योगिक क्षेत्र समेत आसपास के इलाकों में रात नौ बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।ड्ढr लालपुर, सरकुलर रोड, रानी बागान, पीस रोड और वर्धमान कंपाउंड इलाके में पेड़ गिरने के कारण बिजली के कई पोल क्षतिग्रस्त हो गये। उपरोक्त इलाकों में भी रात नौ बजे तक बिजली की आपूर्ति ठप रही।ड्ढr नामकुम-टाटीसिलवे 33 केवी लाइन के ब्रेक डाउन हो जाने के कारण डेढ़ बजे से शाम के पांच बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। नामकुम को हटिया से बिजली की आपूर्ति की गयी, लेकिन टाटीसिलवे औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के इलाकों में तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। बरियातू के ग्रामीण और शहरी इलाके में भी बिजली आपूर्ति ठप रही। रांची के अन्य फीडर से उस वक्त बिजली आपूर्ति रोक दी गयी, जब तेज हवा और आंधी का शुरू हुई। इसके बाद अन्य सभी फीडरों से बिजली आपूर्ति चालू कर दी गयी। आंधी के शांत होने के बाद सहायक और कनीय अभियंता अपने-अपने क्षेत्र के प्रभावित इलाकों में मरम्मत कार्य में देर रात तक जुट रहे।

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