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हाइटेक प्रचार माध्यमों का जमकर हो रहा है इस्तेमाल

विधान सभा चुनाव से पहले सभी प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान तेज कर दिए हैं। कई प्रत्याशी जहां परंपरागत तरीके अपना रहे हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने जनसंपर्क अभियान के साथ हाइटेक माध्यमों को अधिक महत्व दे रहे हैं। मैसेज, ई-मेल, वेब साइट और चैटिंग के जरिये भी मतदाताओं को लुभाया भी जा रहा है। लेकिन, चुनाव से पहले दिल्ली से नजदीक होने के बावजूद किसी भी स्टार प्रचारक का अभियान के लिए नहीं पहुंचना, उम्मीदवारों को मायूस कर सकता है।

विधान सभा चुनाव के लिए मतदान होने का काउंट डाउन हुए हो गया है। साइबर सिटी  के कुछ इलाकों में पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। साथ ही हाइटेक प्रचार माध्यमों का भी अधिक इस्तेमाल होने से प्रत्याशी भी इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि आखिरकार कितने प्रतिशत मतदाताओं को उन्हें समर्थन मिलेगा। भाजपा पूरी तरह से हाईटेक कम्पेनिंग कर रही है। इसे लेकर पार्टी के आईटी सेल सहित अन्य की भी सहायता ली जा रही है। बीजेपी के उमेश अग्रवाल कहते है कि वे सभी मदताओं को अपनी प्राथमिकताएं पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोडना चाहते हैं।

इसके लिए वेव साइट, मैसेज सहित सभी विकल्पों का प्रयोग किया जा रहा है। इनेलो प्रत्याशी मैसेज और मेल के जरिये मतदाताओं को रिझाने में जुटी हुई हैं। वक्त कम होने के कारण, एक तरफ जहां पार्टी प्रत्याशी जन सभाएं कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी कार्यकर्ता हाइटेक माध्यमों के जरिये वोटरों तक पहुंच रहे हैं। उधर, कांग्रेस पहले से ही अलग-अलग हाइटेक माध्यमों का प्रचार के लिए इस्तेमाल कर रही है।

हाइटेक माध्यमों के इस्तेमाल से मोबाइल कंपनियों के साथ साथ इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों की कमाई में भी काफी इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। ज्ञात हो कि गुड़गांव विधानसभा का नए परिसिमन के बाद समीकरण बदल गए है। अब डीएलएफ और गुड़गांव के पॉस इलाके ही इस क्षेत्र में आते है। ऐसे में डीएलएफ के क्षेत्रों के लोगों के पास अपनी पहुंच बनाने के लिए उम्मीदवार उचित साधनों का प्रयोग कर रहे है।

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