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सीईसी यानी कांग्रेस इलेक्शन कमीशन: इनेलो

इंडियन नेशनल लोकदल ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग पर से उनका विश्वास उठ चुका है। दजर्नों शिकायत के बावजूद चुनाव आयोग ने कोई कदम नहीं उठाया। वह पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहा है, ऐसे में उन्होंने अब कोई शिकायत आयोग से नहीं करने का फैसला लिया है। बुधवार को इनेलो के राष्ट्रीय सचिव आरएस चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन में चुनाव आयोग को कोसते हुए कहा कि चावला के नेतृत्व में सीईएस अब कांग्रेस इलेक्शन कमीशन बनकर रह गया है। 

चौधरी ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों में चुनाव आयोग ने जो भी फैसले लिए हैं, उसके तहत तो ऐसा ही लगता है कि वह कांग्रेस के इशारे पर विपक्ष को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने एक पत्र लिखकर चुनाव आयोग से जानकारी मांगी है कि आखिर उनकी शिकायतों पर चुनाव आयोग ने क्या कदम उठाया है।

चौधरी ने कहा कि यहां के अधिकारियों की हालत यह है कि हर वर्ष होने वाले ताऊ देवीलाल के सम्मान में होने वाली सम्मान रैली के खर्च का ब्यौरा भी चुनावी खर्च में जोड़ने के मकसद से मांगा जा रहा है। राज्य भर में प्रचार के मकसद से मांगी गई 60 पब्लिसिटी वैन दी नहीं गई।

मुख्य आरोप
- चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भी दो समाचार पत्रिकाओं में पांच-पांच पन्नों का विज्ञापन छापा गया
- कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र की प्रिंट लाइन में किसी का नाम अंकित नहीं है। यह सरासर कानूनी तौर पर खामी है
- डीपीआर द्वारा जारी विज्ञापन को अब कांग्रेस पार्टी विज्ञापन का माध्यम बना रही है, ऐसे में सीधे तौर पर सरकार के कॉपीराइट का उल्लंघन
- दो महीने में जोड़े गए 11 लाख लोगों के फिजिकल वेरिफिकेशन की मांग की गई, कार्रवाई नहीं हुई
- अंबाला सिटी में नेपाली नोगरिकों को भी मतदाता बना दिया गया। शिकायत के बावजदू अब तक कोई कार्रवाई नहीं
- आचार संहिता लागू होने के बाद भी मुख्यमंत्री सरकारी अधिकारी लेकर घूम रहे हैं

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