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रणनीति बनाने में जुटे आरएसएस के दिग्गज

बुधवार की दोपहर में देश भर से आये राष्ट्रीय स्वयंसेवक (आरएसएस) के करीब साढ़े तीन सौ डेलिगेट्स के साथ सरसंघचालक मोहन भागवत ने भोजन किया। भोजन के थोड़ी देर बाद वह और पूर्व सरसंघचालक केसी सुदर्शन व विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री अशोक सिंघल करीब दो बजे से संघ की अनुषंगी इकाइयों के अधिकारियों से मंत्रणा में जट गए। मंत्रणा देर शाम तक चली।बैठक को पूरी तरह गोपनीय रखा जा रहा है।

जानकार सूत्रों के अनुसार आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दीपावली बैठक (9 से 11 अक्टूबर) के पूर्व संघ की सभी अनुषंगी इकाइयों के एजेंडे पर गहन मंथन किया जाएगा। मंगलवार की देर रात्रि में ही तीनों दिग्गज बैठक स्थल राजगीर स्थित तपस्वी जगजीवन जी महाराज सरस्वती विद्या मंदिर पहुंच चुके थे। सुरक्षा से लेकर अन्य व्यवस्था के बारे में इन दिग्गजों ने स्वयं तहकीकात की।

बताया जा रहा है कि बुधवार को तीनों दिग्गज अधिकारी सभी प्रमुख डेलिगेट्स से मिले। उसके बाद अनुषंगी इकाइयों के मुख्य एजेंडे से अवगत हुए। सभी अनुषंगी इकाइयों के एजेंडे को एकीकृत कर मुख्य बैठक के एजेंडे का प्रारूप तैयार किया जाएगा। जिसपर 9 से 11 अक्टूबर तक गहन विचार विमर्श के बाद प्रस्ताव पारित किये जाएंगे।

1925 में आरएसएस की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब इसकी कार्यकारिणी की बैठक बिहार के किसी शहर में की जा रही है। भाजपा नेता एलके आडवाणी व मुरली मनोहर जोशी के गुरुवार को यहां पहुंचने की संभावना है।

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी 9 या 10 अक्टूबर को बैठक में पहुंचेंगे। मंगलवार की देर रात्रि में बिहार प्रदेश भाजपा के प्रमुख व बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री अश्विनी कुमार चौबे सरस्वती विद्या मंदिर आए थे। उन्होंने व्यवस्था का जायजा लिया तथा तीनों दिग्गज अधिकारियों से भी मिले।

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