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बदहाल मार्गो से बढ़ रहीं पर्यटकों की मुसीबतें

पर्याप्त बजट के बाद भी विभागीय शिथिलता के कारण प्रमुख धाम यमुनोत्री के राष्ट्रीय राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा बदहाल पड़ा है और बीते लगभग पांच सालों से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों सहित स्थानीय लोग बिना कारण उबड़-खाबड़ सड़क मार्ग पर चलने को मजबूर हैं।

एनएच-94 पर स्यानाचट्टी से हनुमानचट्टी के बीच किमी 208 से किमी 211 तक चार किमी का राष्ट्रीय राजमार्ग बीते पांच सालों से जगह-जगह से उखड़ा और गड्डेयुक्त बना हुआ है। पेटिंग पूरी उखड़ जाने के कारण बदहाल हुये इस मार्ग पर वाहनों का चलाना एक दुश्कर कार्य साबित हो रहा है। लेकिन विभाग ने बजट होने के बाद भी इस मार्ग को ठीक कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। जबकि यात्राबैठकों में जिलाधिकारी से लेकर आयुक्त तक स्थानीय लोग इसकी शिकायत करते रहे। बीते तीन सालों से यह कार्य पर्याप्त बजट के बाद भी विभाग और ठेकेदार के बीच उलझा है।

किमी 208 से 211 (कुल 4 किमी) में स्यानाचट्टी से हनुमानचट्टी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-94 पर पेटिंग व डामरीकरण कार्य हेतु 18 मार्च, 2006 को एक करोड़ साठ लाख का अनुबंध ठेकेदार को दिया गया और यह अनुबंध 17 मार्च, 2007 को समाप्त हो गया था। विभागीय शिथिलता के कारण ठेकेदार द्वारा समय पर यह कार्य पूरा नहीं किया गया। जिसका परिणाम है कि आज भी यमुनोत्री धाम का यह मार्ग बदहाल पड़ा है।

स्थानीय लोगों में जगमोहन परमार, श्याम चौहान, सुमित चौहान सहित दजर्नों लोगों इस राष्ट्रीय राजमार्ग को दुरूस्त करने को लेकर जिला प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन मार्ग की स्थिति आज भी बदहाल है। तीस प्रतिशत पूर्ण हुये इस कार्य के लिए बत्तीस लाखका भुगतान भी ठेकेदार को किया जा चुका है। 

 इस संदर्भ में एनएच के ईई पीएस नब्याल का कहना है कि लापवाह ठेकेदार के खिलाफ सात लाख की पैनल्टी लगाई गई है और बांड निरस्त करने की कार्रवाई अंतिम चरण में है। राष्ट्रीय राजमार्ग के इस भाग के लिए दो किमी पेंटिंग और डामरीकरण का नया प्रस्ताव भेजा गया है। जिसके तत्काल स्वीकृत होने के आसार हैं।

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