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भारतीय ‘शक्ति’ को विश्व में फैलाना है लक्ष्य: आईसीसीआर प्रमुख

भारतीय ‘शक्ति’ को विश्व में फैलाना है लक्ष्य: आईसीसीआर प्रमुख

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के महानिदेशक वीरेंद्र गुप्ता का कहना है कि बॉलीवुड की वैश्विक अपील व करोड़ों डॉलर के फिल्म उद्योग और योग की शक्ति के साथ देश ने अपनी ‘शक्ति’ और पारंपरिक संस्कृति को दुनियाभर में फैलाने की कवायद शुरू की है।

एक इंटरव्यू के दौरान महानिदेशक ने कहा, ‘‘अब हमारा प्राथमिक उद्देश्य भारत की पारंपरिक संस्कृति को एशियाई देशों में ले जाना है।’’

गुप्ता ने 22 सितंबर को बैंकॉक में आईसीसीआर केंद्र का उद्घाटन किया। इससे पहले 25 सितंबर को टोक्यो में आईसीसीआर केंद्र की शुरुआत हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘एक महीने के अंतराल में हम कुआलालंपुर में एक केंद्र खोलेंगे इसके बाद ढाका और अबूधाबी में भी केंद्र खोले जाएंगे। नए विदेशी केंद्र हमारी संपूर्ण विदेश नीति के तहत आते हैं और सांस्कृतिक शक्ति इनका प्रमुख घटक है। भारतीय विदेश नीति के नए लक्ष्यों में अपनी सांस्कृतिक उपस्थिति दर्ज कराना मुख्य लक्ष्य है और इसलिए हमें अतिरिक्त धन मुहैया कराया गया था।’’

उन्होंने कहा कि योग एक नई सांस्कृतिक शक्ति है, जिसकी वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता बढ़ती जा रही है। भारतीय योग को बाहर बहुत पसंद किया जाता है। हमारे सभी 15 विदेशी केंद्रों में एक-एक योग गुरु हैं। वे प्रत्येक दिन विदेशी छात्रों के चार से पांच समूहों को योग सिखाते हैं। प्रत्येक समूह में 60 छात्र होते हैं।

अब 21 देशों में भारत के 24 सांस्कृतिक केंद्र हैं। गुप्ता ने कहा कि म्यांमार और पाकिस्तान में एक-एक केंद्र और शुरू करने के लिए जगह की तलाश की जा रही है।

गुप्ता ने कहा, ‘‘हमारा प्राथमिक मकसद भारतीय संगीत, नृत्य व राष्ट्रीय भाषा हिंदी का प्रचार-प्रसार करना है।’’

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