DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रेकी

रेकी तनाव और उपचार संबंधी एक जापानी विधि है, जो काफी हद तक योग जैसी है। इसके पीछे  प्रमुख विचार है कि ऊर्जा जीवित प्राणियों से ही प्रवाहित होती है। रेकी के विशेषज्ञों का मानना है कि अदृश्य ऊर्जा को ‘जीवन ऊर्जा’ या ‘की’ कहा जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि ‘की’ हमारे आसपास ही है और उसे मस्तिष्क द्वारा ग्रहण किया जा सकता है।

रेकी शब्द में ‘रे’ का अर्थ है ‘वैश्विक’, अर्थात जो सर्वव्यापी है। इसके शोधकर्ताओं का निष्कर्ष है कि इस विधि को ‘आध्यात्मिक चेतन अवस्था’ या ‘अलौकिक ज्ञान’ भी कहा जा सकता है। इसे ‘सर्व ज्ञान’ भी कहा जाता है जिसके मार्फत सभी समस्याओं की जड़ में जाकर उनका उपचार खोजने पर जोर दिया जाता है। इसीलिए समग्र औषधि के तौर पर रेकी को बहुत पसंद किया जाता है। रेकी की मान्यता  है कि  जब तक कोई प्राणी जीवित है, ‘की’ उसके गिर्द बनी रहती है।

जब ‘की’ उसे छोड़ जाती है, तब वह प्राणी की मृत्यु होती है। विचार, भाव और आध्यात्मिक जीवन भी ‘की’ के माध्यम से उपजते हैं। रेकी एक साधारण विधि है, लेकिन इसे पारंपरिक तौर पर नहीं सिखाया जा सकता। विद्यार्थी इसे रेकी मास्टर से ही सीखता है। इसे आध्यात्म आधारित अभ्यास के तौर पर जाना जाता है।

इसके जरिए विशिष्ट आदर्शो के अधीन रहने की उम्मीद की जाती है। संस्कृत शब्द ‘प्राण’ इसी का पर्यायवाची है। चीन में इसे ‘ची’ कहा जाता है। रेकी के विशेषज्ञ नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर उसे सकारात्मक ऊर्जा में बदलने पर जोर देते हैं। कहते हैं उपचार करते समय रेकी विशेषज्ञ के हाथ गर्म हो जाते हैं। इस सब के अतिरिक्त रेकी का इस्तेमाल मार्शल आर्ट़स विशेषज्ञ भी करते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:रेकी