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सी. टी. स्कैन

सर से पांव तक और पेट से रीढ़ तक शरीर के किसी भी अंग की तीन-आयामीय विस्तृत तस्वीरें उतार सकने वाला होल बॉडी कम्प्यूटराइजड टोमोग्राफी (सी़ टी़) स्कैनर नए युग की करिश्माई जांच विधि है।
 
विशेषज्ञ डॉक्टर इन तस्वीरों को पढ़कर शरीर के भीतरी समाचार पा लेते हैं जिससे रोग के डायग्नोसिस में मदद मिलती है। चमत्कारी ताकत के कारण सी टी स्कैनर अमूल्य साबित हो रहा है। लेकिन यह जांच करवाने से पहले कुछ सीधी जानकारियां होना जरूरी है:

उपयोगिता हो तभी जांच
जब डॉक्टर किसी खास प्रश्न का उत्तर पाने के लक्ष्य से सीटी स्कैन करवाने की सलाह दे, तभी यह जांच कराना उचित है। कुछ लोग सोचते हैं कि होल बॉडी सी़ टी़ स्कैन कराने से भीतर अंकुरित हो रहा कोई भी रोग शुरुआती अवस्था में पकड़ में आ जाएगा। यह उनकी भूल है। सच यह है  कि सीटी स्कैन कराने में सबसे बड़ा खतरा रेडिएशन का है। इसका कोशिकाओं पर बुरा असर पड़ता है और कैंसर तक हो सकता है।

स्पाइरल सी़ टी़ स्कैनर का सच
नए स्पाइरल सी़ टी़ स्कैनरों में यह खूबी है कि उनके माध्यम से जांच झटपट पूरी हो जाती है। रोगी को देर तक मशीन में लेटे नहीं रहना पड़ता। दूसरा, उसमें किसी भी अंग की अलग-अलग कोण से पुनर्रचना भी की जा सकती है। यह खूबी शरीर के किसी अंग के सूक्ष्मतर अध्ययन के लिए बेशकीमती साबित हो सकती है। लेकिन जहां तक रेडिएशन की मात्र का सवाल है, स्पाइरल सी़ टी़ स्कैनर रोगी को कोई रियायत नहीं देता।
जारी..

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