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स्मारक परिसर से सभी मजदूर हटाए गए

स्मारक परिसर से सभी मजदूर हटाए गए

राजधानी लखनऊ में अंबेडकर पार्क सहित अन्य जगहों पर निर्माण कार्य के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा मंगलवार को प्रदेश सरकार को लगाई गई फटकार और मुख्य सचिव के विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई किए जाने के निर्देशों के बाद मंगलवार को सभी मजदूरों को निर्माण परिसरों से बाहर कर दिया गया।

इस बीच उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रदेश सरकार को लगाई गई फटकार और मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने न्यायालय की नाराजगी पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है।

समाजवादी पार्टी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा न्यायालय के आदेशों का पालन न करने पर शीर्ष अदालत द्वारा की गई टिप्पणियों को संवैधानिक दृष्टि से बहुत गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री मायावती को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

सपा द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रदेश सरकार सर्वोच्च न्यायालय को भी अपनी राजनीति का अखाड़ा समझती है और झूठा शपथ-पत्र दाखिल कर अपने कृत्यों को छिपाने का प्रयास किया, जो बहुत ही गंभीर मामला ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी नुकसानदेह है।

चौधरी ने कहा कि यह भी खेद की बात है कि प्रदेश के इस गंभीर घटनाक्रम पर राजभवन भी चुप्पी साधे हुए है और केन्द्र की कांग्रेस सरकार नूरा-कुश्ती का खेल खेलते हुए प्रदेश सरकार के असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कारनामों पर अपनी सहमति की मुहर लगाती जा रही है।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने बहुमत और लोकतंत्र के फर्क की सटीक व्याख्या कर मायावती सरकार की अधिनायकशासी प्रवृत्ति को भी रेखांकित किया है साथ ही साथ न्यायालय की यह टिप्प्णी कि उच्च स्तर से ही सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन न करने के संकेत दिए गए होंगे , इस पर सरकार की जितनी निन्दा की जाए कम है।

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