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हड़ताल के बहाने ही गांधीगिरी का दौर!

गांधीगिरी उन सभी चीजों को याद दिलाने का नाम है, जिन्हें मॉडर्न समाज भूलता जा रहा है। जैसे सत्य, शान्ति और अहिंसा। गाँधी जी ने सिखाया था कि हम अपने मंसूबो को हिंसा से नहीं, बल्कि अहिंसा के रास्ते पर चलकर भी पूरा करा सकते हैं। अभी कुछ दिन पहले ही जेट विमान के पायलटों ने हड़ताल कर अपनी मांगे पूरी कराई थी। एयर इंडिया कंपनी के पायलट ने भी हड़ताल तो की पर उनकी मांगे पूरी न हो सकी। आई़आई़टी़ शिक्षक भी इससे अछूते नहीं रहे। गांधीगिरी का लौटता दौर शायद आज कि जनता को एहसास दिलाये कि अहिंसा का रुख अपनाकर भी सफलता हाथ लग सकती है।  
तरुण वत्स , दिल्ली विश्वविद्यालय

ईको टैक्स सराहनीय, लेकिन..
मसूरी में ईको टैक्स लगाया जा रहा है। यह टैक्स सरकार ने मसूरी की स्वच्छता व सफाई की व्यवस्था में सुधार हेतु पर्यटक वाहनों पर लगाया है। यह पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सराहनीय कदम है किन्तु सरकार सिर्फ टैक्स लेकर अपना दायित्व पूरा न समझ ले, वह सफाई व स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दे। ऐसा न हो कि जिस प्रकार सरकार ने पवित्र नदी गंगा को बचाने हेतु करोड़ों रुपये बहा दिए, पर गंगा की स्थिति जस की तस बनी रही। नगरपालिका को चाहिए कि वह टैक्स का सदुपयोग कर नगर को स्वच्छ बनाए जिससे पर्यटक भी खुशी से टैक्स देकर मसूरी भ्रमण का आनन्द उठा सकें।
बिमला पन्त, जोगीवाला, देहरादून

मधुर वाणी बोलिए
स्कूल-कॉलजे में जाने वाले बच्चाों से लेकर हमारे सीनियर सिटीजन और हमारी ब्लूलाइन बस ड्राइवर और कंडक्टर तकरीबन सभी तरह के लोग अपनी जुबान पर लगाम नहीं रखते, बात-बात पर भद्दी गालियां देने में ये बिल्कुल भी नहीं हिचकिचाते। सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर तो रोक व दंड लगा दिया है, मेरे ख्याल से उसी तरह सरकार को सार्वजनिक स्थानों पर गालियां देने पर रोक लगा देनी चाहिए।
रवि, नेताजी नगर, नई दिल्ली

कहीं तुगलकी दौर तो नहीं!
बॉम्बे को मुंबई न बोलना करन को महंगा पड़ा, यहां तक कि राज ठाकरे से माफी भी मांगनी पड़ी। यह सुनकर शिव सेना अपने को छोटा महसूस करने लगी तो उसने भी डंका बजा दिया। लगता है कि हम तुगलगी दौर में लौट आए हैं।
अमन सिंह

खिलाड़ी देशभक्त चाहिए
आज हर खिलाड़ी पैसे और ग्लैमर में डूबा हुआ है। किसी भी खिलाड़ी के अन्दर खेल के प्रति समर्पण व देशभक्ति की भावना बिल्कुल भी नहीं है। आज खिलाड़ियों में पैसों का लालच कूटकूट कर भरा है। इसे खत्म होना चाहिए।
रियाज अहमद,  वाराणसी

रुखसाना की बहादुरी को सलाम
जम्मू के राजौरी इलाके में हाल ही में एक खूंखार आतंकवादी को मार गिराने वाली किशोरी रुखसाना ने अद्भुत बहादुरी का परिचय दिया है। इस घटना से घाटी में अब आतंकियों के दिन लदने के संकेत मिलने लगे हैं। रुखसाना की बहादुरी को हमारा सलाम।
सुभाष, रामदरबार, देहरादून

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