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हतोत्साहित माओवादियों ने इंस्पेक्टर का गला रेता

हतोत्साहित माओवादियों ने इंस्पेक्टर का गला रेता

माओवादियों ने झारखंड के पुलिस इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदुवार की गला काट कर हत्या कर दी है, जिनका माओवादियों ने करीब सप्ताह भर पहले अपने तीन नेताओं की रिहाई की मांग करते हुए अपहरण कर लिया था। इन तीन नेताओं में कोबाड़ घांडी भी शामिल हैं।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) हेमंत टोपो ने बताया कि उनका सिर काट दिया गया। धड़ और सिर को मंगलवार को रांची से करीब 12 किलोमीटर दूर नामकोम पुलिस स्टेशन के तहत राइशा घाटी के समीप बरामद किया गया।

घटनास्थल के समीप एक पेड़ पर एक पोस्टर चिपका देखा गया, जिस पर लिखा था कि शव पुलिस इंस्पेक्टर का है। राज्य की विशेष शाखा के साथ जुडे़ इंदुवार का 30 सितंबर को माओवादियों ने खुंटी जिले में हेमब्रोम बाजार से अपहरण कर लिया था।

माओवादियों की दक्षिण छोटानागपुर समिति के सचिव समरजी ने शनिवार को एक स्थानीय दैनिक को फोन कर कहा था कि पुलिस द्वारा घांडी, छत्रधर महतो तथा चंद्र भूषण यादव को रिहा किए जाने के बाद ही इंस्पेक्टर को रिहा किया जाएगा। इंस्पेक्टर के अपहरण के बाद से ही पुलिस सघन छापामारी अभियान कर रही थी।

रांची के पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रमुख नेताओं समेत कई माओवादियों की गिरफ्तारी से उपजी बौखलाहट में माओवादियों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।

इंदुवर की रिहाई के बदले में क्या अपने कामरेडो को रिहा कराने को लेकर माओवादियों की ओर से पुलिस को कोई फोन आया था, इस पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस को माओवादियों की ओर से ऐसी कोई सूचना नहीं मिली।

घांडी को 21 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था, जबकि छत्रधर महतो को पश्चिम बंगाल सीआईडी दस्ते ने 26 सितंबर को लालगढ़ में पत्रकार बनकर पकड़ा था। भूषण यादव को भी बंगाल पुलिस ने दो अक्तूबर को गिरफ्तार किया था और उसके बाद से उसे झारखंड पुलिस को सौंपा जा चुका है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन गिरफ्तारियों से पुलिस को देश में माओवादियों के तंत्र का खुलासा करने का मौका मिलेगा। इंस्पेक्टर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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