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अपमानित होकर रो पड़ीं उड़नपरी, दोषारोपण का 'खेल' शुरू

अपमानित होकर रो पड़ीं उड़नपरी, दोषारोपण का 'खेल' शुरू

मशहूर एथलीट पीटी उषा के साथ भोपाल में हुए दुर्व्यवहार के मामले में खेलमंत्री एमएस गिल ने जहां भारतीय खेल प्राधिकरण को क्लीन चिट दे दी, वहीं मध्यप्रदेश सरकार ने साइ के सिर ठीकरा फोड़ा है। यहां अपनी टीम के साथ 49वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भाग लेने आई उषा उस समय दंग रह गई जब उनके रहने के लिये घटिया दर्जे की व्यवस्था की गई। फर्राटा क्वीन उस समय अपने आंसू नहीं रोक सकी।

उन्होंने साइ अधिकारियों की निंदा करते हुए कहा कि मैं अपमानित महसूस कर रही हूं। बाद में राज्य सरकार ने उन्हें अच्छे होटल में रूकवाया लेकिन इस पूरे प्रकरण के लिये दोष एक दूसरे पर मढने की कवायद शुरू हो गई है।

खेलमंत्री एमएस गिल ने कहा कि उषा द्वारा साइ को दोषी ठहराये जाने से वह स्तब्ध है जबकि टूर्नामेंट की मेजबानी राज्य सरकार कर रही थी। उन्होंने कहा कि मैं पीटी उषा का काफी सम्मान करता हूं। वह राज्य सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स मीट के लिये आई थी। उनके मंत्री ने टीवी पर माफी भी मांग ली है। यदि कुछ गलती हुई है तो उसके लिये राज्य सरकार दोषी है ।

गिल ने कहा कि साइ केंद्र ने उसे अपनी ओर से ठहरने के सर्वश्रेष्ठ स्थान की पेशकश की थी। मुझे नहीं पता कि उन्हें अचानक साइ केंद्र से बात क्यों करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि राज्य के उद्योग मंत्री उन्हें बाद में होटल ले गए और कहा कि कुछ गलती हो गई है। उन्होंने माफी भी मांगी। यह हैरानी की बात है कि पूरे मामले में साइ को क्यों घसीटा गया।

मध्यप्रदेश के खेलमंत्री तुकोजी राव पवार ने मामले पर खेद जताते हुए साइ को दोषी ठहराया है । पवार ने कहा कि साइ को उनकी यात्रा के सारे बंदोबस्त करने थे। राज्य सरकार को उनके कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी जिससे यह दुर्भाग्यपूर्ण वाकया हुआ। यह काफी दुखद है। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने या साइ ने हमें पहले बताया होता तो हम उन्हें राजकीय अतिथि का दर्जा देते । पवार ने कहा कि मैने सुबह उषा से बात की और उन्होंने कहा कि अब वह सहज हैं ।
   
इस बीच खेल समुदाय ने घटना की जमकर निंदा करने के साथ मामले की जांच की मांग की है। महान एथलीट मिल्खा सिंह ने इस घटना को दुखद बताते हुए पूरे मामले की तुरंत जांच की मांग की है। मिल्खा ने कहा कि यह काफी दुखद है। पीटी उषा को टीवी पर रोते देख सिर्फ मैं ही नहीं बल्कि पूरा देश दुखी है। मामले की तुरंत जांच की जानी चाहिये और दोषियों को दंड देना चाहिये।

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने कहा कि एक राष्ट्रीय एथलीट के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं किया जाना चाहिये। बिंद्रा ने कहा कि अपना पूरा जीवन खेल के नाम समर्पित करके देश को गौरव दिलाने वाले खिलाड़ियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिये। सभी थोड़ा सा सम्मान और पहचान चाहते हैं।

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों को मिलकर इसकी निंदा करनी चाहिये क्योंकि ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को एक साथ इसका विरोध करना चाहिये । आज यह पीटी उषा के साथ हुआ है, कल हमारे साथ हो सकता है ।
     
पूर्व एथलीट शाइनी विल्सन का मानना है कि एथलेटिक्स में कारपोरेट जगत की रूचि नहीं होना इसका अहम कारण है। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद है। आयोजकों को उसे रहने की अच्छी व्यवस्था मुहैया करानी चाहिये थी। लेकिन राज्य एथलेटिक्स संघ के पास ज्यादा पैसा नहीं है। एथलेटिक्स में टूर्नामेंटों के लिये प्रायोजक नहीं मिलते।

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