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भारत-यूएस परमाणु ईंधन संबंधी वार्ता का दूसरा दौर वियना में

भारत-यूएस परमाणु ईंधन संबंधी वार्ता का दूसरा दौर वियना में

अमेरिका और भारत इस्तेमालशुदा परमाणु ईंधन के पुर्नप्रसंस्करण को लेकर इस सप्ताह वियना में दूसरे दौर की बातचीत करेंगे और अधिकारियों को उम्मीद है कि ऐतिहासिक भारत-अमेरिका परमाणु करार के तहत एक साल की समय सीमा खत्म होने से काफी पहले बातचीत पूरी हो जायेगी।
   
जानकार सूत्रों ने कहा कि वियना में गत जुलाई पहले दौर की वार्ता हुई थी। तब भारत और अमेरिका ने मसौदे के प्रस्ताव तय कर अपने-अपने देश के लोगों को आश्चर्य में डाल दिया था जिसके चलते अब कुछ महीनों के भीतर बातचीत निष्कर्ष पर पहुंच सकती है।
   
अधिकारियों को उम्मीद है कि वह 123 समझौते के तहत एक साल की समय सीमा से काफी पहले बातचीत पूरी कर लेंगे। 123 समझौते पर गत वर्ष आठ अक्तूबर को हस्ताक्षर हुए थे। वियना में इस सप्ताह वार्ता के लिये अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतत्व परमाणु उर्जा मामलों के कार्यालय के निदेशक रिचर्ड स्ट्रेटफोर्ड करेंगे।
   
सूत्रों ने कहा कि अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नवंबर अंत में होने वाले अमेरिका दौरे के दौरान बातचीत की निष्कर्ष घोषणा के लिये तैयार रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक, यह अपनी तरह की सबसे तेज समझौते की बातचीत होगी। भारत पुर्नप्रसंस्करण समझौते पर तेज गति से बातचीत चाहता है।

अमेरिका में भारत की राजदूत मीरा शंकर ने गत मई में कहा था कि हम इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये पुर्नप्रसंस्करण व्यवस्थाओं पर तेज गति से बातचीत के प्रति आशान्वित हैं। उन्होंने कहा था कि दोनों पक्ष इस प्रक्रिया को शुरू करने पर सहमत हुए हैं और उन्होंने मुख्य बिंदुओं की पहचान कर ली है। लिहाजा हम उम्मीद करते हैं कि इसे तेज गति से पूरा कर लिया जायेगा।
   
द्विपक्षीय परमाणु सहयोग पर हुआ 123 समझौता नई दिल्ली को पुर्नप्रसंस्करण की पूर्व सहमति देता है। बहरहाल, यह कहता है कि यह अधिकार तभी प्रभाव में आयेगा जब भारत अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा के सुरक्षा मानकों के तहत सुरक्षित परमाणु सामग्री के पुर्नप्रसंस्करण के लिये एक नया राष्ट्रीय संयंत्र स्थापित करे और अमेरिका के साथ इस समझौते पर पहुंचे कि इस तरह के पुर्नप्रसंस्करण के तहत व्यवस्थाएं और कार्यविधियां इस नयी सुविधा में स्थापित होंगी।
   
इस वर्ष गत तीन फरवरी को विदेश सचिव शिव शंकर मेनन ने राजनीतिक मामलों के अमेरिकी अवर सचिव विलियम बर्न्स को पत्र लिखकर उनसे 123 समझौते के उन प्रावधानों को लागू करने को कहा था जिनके जरिये व्यवस्थाओं और कार्यविधियों पर समक्षौते की बातचीत शुरू हो सके। इन व्यवस्थाओं और कार्यविधियों के तहत ही इस्तेमालशुदा ईंधन भारत में पुर्नप्रसंस्करण किया जायेगा।

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  • Web Title:भारत-यूएस परमाणु ईंधन संबंधी वार्ता का दूसरा दौर वियना में