DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पुनर्मतदान की जरूरत नहीं:आयोग

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिहार की कुछ सीटों पर पुनर्मतदान करने की आश्वयकता नहीं है। आयोग ने यह फैसला मतदान में गड़बड़ियों की जांच के लिए बिहार भेजी गई टीमों की रिपोर्ट के बाद लिया है। राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में पुनर्मतदान नहीं कराए जाएंगे। राज्य के संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कुमार अंशुमाली ने सोमवार को कहा कि बिहार आयीं आयोग की विशेष टीमों की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद आयोग ने यह माना है कि बिहार में पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं है।ड्ढr ड्ढr संवाददाताओं को संबोधित करते हुए चुनाव उपायुक्त जेपी प्रकाश ने बताया कि 8 मई को आयोग ने छह टीमें बिहार भेजी थी। टीमों ने औरंगाबाद, सारण, जमुई, महाराजगंज, जहानाबाद, मुंगेर तथा गया में जांच की। टीमों ने मौके पर जाकर मुख्य चुनाव अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विचार किया तथा जांच की। टीमों की रिपोर्ट देखने के बाद पाया गया कि यहां पुनर्मदान की आश्वयकता नहीं है। अनेक राजनैतिक दलों की मांग पर आयोग ने यहां विशेष जांच का आदेश दिया था। वहीं आयोग की टीमें बिहार भेजने पर एनडीए ने तीव्र आपत्ति जताई थी।ड्ढr ड्ढr उधर, फिल्म निर्देशक तथा लोक जनशक्ित पार्टी के उम्मीदवार प्रकाश ने चुनाव आयोग से बेतिया के निर्वाचन अधिकारी दिलीप कुमार की शिकयात की। उन्होंने कहा कि दिलीप कुमार ने उन्हें आंतकित करने की कोशिश की और मतदान के कुल प्रतिशत पर वह काफी समय गलत आंकड़ा देते रहे। काफी समय बाद उन्होंने स्वीकार कि मतदान का प्रतिशत 48 नहीं बल्कि 42 फीसदी था। झा ने संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम चंपारण में ईवीएम सील होने के बावजूद सफाईकर्मियों के भेष में एजेंट वहां जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारी का तुरंत तबादला किया जाए। चुनाव आयोग की फुल बेंच ने सोमवार को झा की सुनवाई की। झा ने कहा कि उन्होंने प. चंपारण में पुनर्मतदान की मांग नहीं की है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पुनर्मतदान की जरूरत नहीं:आयोग