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लगातार दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया बना चैंपियन

लगातार दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया बना चैंपियन

ऑलराउंडर शेन वॉटसन की नाबाद 105 रनों की पारी और कैमरून व्हाइट के साथ उनकी शतकीय साझेदारी से ऑस्ट्रेलिया ने अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वियों में से एक न्यूजीलैंड को फाइनल में छह विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती।

बेहद उतार-चढ़ाव वाले इस मैच में ज्यादातर मौकों पर गेंदबाज हावी रहे लेकिन वॉटसन ने सेमीफाइनल की अपनी शतकीय पारी को आगे बढ़ाते हुए वक्त की नजाकत के मुताबिक बल्लेबाजी करके 129 गेंद पर दस चौकों और चार छक्कों की मदद से लगातार दूसरा शतक जमाया। उन्होंने व्हाइट (62) के साथ तीसरे विकेट के लिए तब 128 रनों की साझेदारी की जब ऑस्ट्रेलिया ने छह रन पर दो विकेट गंवा दिए थे।

न्यूजीलैंड को मैदान पर उतरने से पहले ही डेनियल विटोरी के रूप में पहला झटका लगा। अपने नियमित कप्तान की गैरहाजिरी में बल्लेबाजी करने वाली कीवी टीम को क्रीज पर भी लगातार झटके सहने पड़े तथा और वह नौ विकेट पर 200 रन ही बना पाई। न्यूजीलैंड की ओर से मार्टिन गुप्टिल (40), नियल ब्रूम (37) और जेम्स
फ्रैंकलिन (33) ने उपयोगी योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिये नाथन हारिट्ज ने तीन और ब्रेट ली ने दो विकेट लिए।

वॉटसन ने इसके बाद लाजवाब पारी खेलकर काइल मिल्स के प्रयासों पर भी पानी फेर दिया, जिन्होंने 27 रन की एवज में तीन विकेट लेकर न्यूजीलैंड की 2000 के बाद चैंपियन बनने की उम्मीदें जगा दी थी। वॉटसन ने जीतन पटेल की लगातार दो गेंदों पर छक्के जड़कर 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाले ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 45.2 ओवर में चार विकेट पर 206 रन पर पहुंचाया।


मैच में गेंदबाजों को दबदबा रहा, विशेषकर दोनों पारियों के शुरुआती ओवरों में केवल गेंदबाज छाए रहे। यही वजह रही कि न्यूजीलैंड पावरप्ले के पहले पंद्रह ओवर में केवल चार बार गेंद सीमा रेखा के पार भेज पाया और इस दौरान उसने एक विकेट पर 50 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की स्थिति तो इससे भी बदतर थी। जब गेंदबाजी पावरप्ले खत्म हुआ तो उसका स्कोर दो विकेट पर 34 रन था और इन पंद्रह ओवर में केवल चार चौके पड़े थे। दोनों टीमों की बल्लेबाजी में फर्क दबाव झेलने की क्षमता का था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया अव्वल रहा।

ऑस्ट्रेलियाई टीम सलामी बल्लेबाज टिम पेन और कप्तान रिकी पोंटिंग के शुरुआती 14 गेंद के अंदर पवेलियन लौटने से बहुत दबाव में आ गई। शेन बॉन्ड ने अपनी दूसरी गेंद पर पेन को आउट किया जिनका रोस टेलर ने दाईं तरफ डाइव लगाकर कैच किया। मिल्स ने अपने दूसरे ओवर में पोंटिंग को एलबीडब्ल्यू आउट करके ऑस्ट्रेलिया का स्कोर दो विकेट पर छह रन कर दिया। मिल्स ने अपने पहले स्पैल के सात ओवर में केवल नौ रन जबकि बॉन्ड ने भी पांच ओवर में इतने ही रन खर्च किए।

व्हाइट जब 14 रन पर थे तब कार्यवाहक कप्तान ब्रैंडन मैकुलम ने उनका मुश्किल कैच छोड़ा जो टीम को महंगा पड़ा। व्हाइट ने इसके बाद वनडे मैचों में अपना दूसरा अर्धशतक खास अंदाज में पूरा किया। वह बटलर की गेंद को गेंदबाज के सिर के उपर से छह रन के लिए भेजकर इस मुकाम पर पहुंचे। मिल्स जब 35वें ओवर में अपना दूसरा स्पैल फेंकने उतरे तो उन्होंने आते ही व्हाइट को बोल्ड करके उनकी संघर्षपूर्ण पारी का अंत किया और फिर माइकल हसी (11) को भी पवेलियन भेजा। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। व्हाइट ने 102 गेंद खेली तथा सात चौके और एक छक्का लगाया। जबकि जेम्स होप्स 22 रन बनाकर नाबाद रहे।

 

 

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