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हरियाणा विधानसभा चुनाव: दिन में दौरे और रात में रतजगा

विधानसभा चुनाव में अपनी विधायकी सुनिश्चित करने के लिए उम्मीदवारों ने दिन- रात एक कर दिए हैं। दिन के समय जहां वे अपने निर्वाचन क्षेत्र में जगह- जगह दौरे कर रहे हैं, वहीं रात में उन्हें रतजगा करना पड़ रहा है ताकि अगले दिन की रणनीति तैयार की जा सके।


उम्मीदवारों ने अपने चुनाव कार्यालयों में खाने- पीने की सभी सुविधाएं कर रखी हैं ताकि चुनावी कामों में जुटे कार्यकर्ताओं की हर जरूरत को पूरा किया जा सके।

एनआईटी क्षेत्र हो या पुराना फरीदाबाद, बड़खल हो या तिगांव, सभी निर्वाचन क्षेत्र झंडे और बैनरों से पटे नजर आते हैं।

कांग्रेस से बगावत कर एनआईटी निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे वरिष्ठ उप महापौर शिवचरण लाल शर्मा का कहना है कि वह अपने क्षेत्र के हर मतदाता के घर तक खुद जाना चाहते हैं और इस कारण वह दिनभर दौरे करने में व्यस्त रहते हैं।

उन्होंने कहा कि रात में अगले दिन के लिए रणनीति तैयार करनी होती है। शर्मा ने दावा किया कि एनआईटी क्षेत्र के मतदाता उन्हें ही चुनेंगे क्योंकि वरिष्ठ उपमहापौर रहते उन्होंने क्षेत्र के लिए काफी कुछ किया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में उम्मीदवारों ने बुजर्गों के लिए अपने कार्यालयों में हुक्के की विशेष व्यवस्था कर रखी है। नेताओं के चेले दिनभर कार्यालय में आने वाले बड़े बूढ़ों के हुक्के की चिलम भरते नजर आते हैं। उनका मानना है कि बुजुर्ग अपने घर के मुखिया होते हैं और जिस उम्मीदवार के पक्ष में वे होंगे उनका पूरा घर उसी उम्मीदवार को वोट देगा।

तिगांव निर्वाचन क्षेत्र हो या होडल और हथीन, सभी जगह चुनाव कार्यालयों में हुक्के की विशेष व्यवस्था देखी जा सकती है। चुनाव के चलते उन लोगों को भी टाइम पास करने का जरिया मिल गया है जो खाली बैठे दिनभर ताश खेलकर पूरा दिन निकाल देते हैं।

बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो दिन में कहीं और रात में किसी और प्रत्याशी के कार्यालय में नजर आते हैं।

प्रत्याशी दिन में ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करते हैं और रात में शहरी क्षेत्रों में घर घर जाकर वोट मांगते हैं। क्योंकि दिन में शहरी क्षेत्रों में घर के पुरुष सदस्य डयूटी पर होते हैं, इसलिए उनसे मिलने के लिए रात का समय ही उम्मीदवारों के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है। हालांकि रात में वे सिर्फ 10 बजे तक ही घर- घर जाने का अभियान चलाते हैं, लेकिन चुनावी कार्यालयों में रातभर रणनीति बनती रहती है।

भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी ने हुक्के को पंचों का प्याला बताया और कहा कि हरियाणा में इसके बिना जीत संभव नहीं। इसीलिए बुजुर्गों के लिए चुनाव कार्यालय में हुक्के की व्यवस्था की जाती है।

हर बार की तरह उम्मीदवारों ने इस बार भी लोगों को आकर्षित करने के लिए अपने कार्यालयों तथा वाहनों पर देशभक्ति के गीत चलाने की व्यवस्था कर रखी है। चुनाव वाहन जैसे ही किसी निर्वाचन क्षेत्र में प्रवेश करता है  उस पर या तो देशभक्ति के गीत बजने लगते हैं या फिर रागनियां।

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