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खगड़िया नरसंहार में नक्सलियों का हाथ नहीं

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि गत एक-दो अक्तूबर की रात खगड़िया जिले के अमौसी भरेन गांव में 16 लोगों के नरसंहार की घटना नक्सलियों द्वारा अंजाम नहीं दी गई बल्कि जमीन पर कब्जा करने के लिए अपराधियों द्वारा अंजाम दी गई थी। उधर, प्रतिबंधित नक्सली संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने कहा है कि उसका इस नरसंहार में कोई हाथ नहीं है। दूसरी ओर रविवार को राज्य सरकार ने इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया।

नीतीश ने रविवार को कहा कि खगड़िया नरसंहार मामले की जांच पड़ताल के दौरान जो सूचना मिली है उससे प्रतीत होता है कि यह घटना नक्सलियों की कार्रवाई नहीं थी बल्कि जमीन पर कब्जे को लेकर यह नरसंहार हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिजनों और घटना के चश्मदीद गवाहों को पूर्ण सुरक्षा मुहैया करायी जाएगी तथा इस तरह की घटना की पुनरावृति न हो इसके लिए घटनास्थल पर अविलंब पुलिस चौकी स्थापित की जा रही है। दूसरी ओर, रविवार को भाकपा (माओवादी) के उत्तरी बिहार क्षेत्र के सरगना सनेश ने एक स्थानीय समाचार पत्र से कहा, ‘खगड़िया में हुए नरसंहार में नक्सलियों का कोई हाथ नहीं है। मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति हमारी सहानुभूति है। भाकपा इस नरसंहार के लिए जिम्मेदार लोगों को इस साल के आखिर तक दंडित करेगा।’

बिहार पुलिस ने पहले इस नरसंहार में नक्सलियों के हाथ होने का संदेह जताया था। पुलिस ने शनिवार को कहा कि इस मामले में 11 लोगों की गिरफ्तारी की गई है कि जिसमें इस नरसंहार का मास्टरमाइंड ओ.पी. महतो भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि खगड़िया के अमौसी गांव में हुए नरसंहार की वजह जमीन विवाद है। राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने कहा,  ‘मास्टरमाइंड महतो ने खुलासा किया है कि इस नरसंहार की योजना 14 सितम्बर को अमौसी के मुखिया के घर पर बनाई गई थी।’ उन्होंने कहा कि पुलिस को नरसंहार के मामले में कुछ अहम सुराग मिले हैं। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए बिहार सैन्य पुलिस, विशेष कार्यबल और विशेष सहायक पुलिस की संयुक्त टीम खगड़िया और आसपास के जिलों में अभियान चल रही है।

दूसरी ओर राज्य सरकार ने इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। राज्य के प्रधान गृह सचिव अमिर सुभानी ने रविवार को कहा, ‘राज्य सरकार ने पुलिस अधीक्षक इंद्रानंद मिश्र और उप मंडलीय पुलिस अधिकारी अजय कुमार पांडेय को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है।’

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