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पैदा होने के दिन ही मर जाते हैं चार लाख बच्चे

पैदा होने के दिन ही मर जाते हैं चार लाख बच्चे

भारत में हर साल जन्म लेने वाले बच्चों में से चार लाख शिशुओं के लिए जन्मदिन ही उनका अंतिम दिन भी हो सकता है। ये तथ्य अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन ‘सेव द चिल्ड्रन’ की नई रिपोर्ट में सामने आया है।

यह आंकड़ा दुनिया भर में सर्वाधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये चार लाख से अधिक बच्चे दुनिया भर के उन 20 लाख बच्चों में से हैं, जिनकी जन्म के 24 घंटे के अंदर ही मौत हो जाती है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘बच्चे के जन्म के शुरुआती 28 दिनों में मृत्यु के मुख्य कारण संक्रमण और परिस्थितियां होती हैं, जिनको रोका जा सकता है।

इसमें खर्च भी अधिक नहीं होता।’ इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए सेव द चिल्ड्रन भारत के साथ-साथ दुनिया के 40 देशों में एक व्यापक अभियान एवरी वन की शुरुआत कर रहा है जिसका मकसद लाखों नवजातों तथा पांच साल से कम उम्र के बच्चों का जीवन बचाने की प्रतिबद्धता को दोहराना है। भारत में इस अभियान की शुरुआत अभिनेत्री शबाना आजमी और प्रियंका चोपड़ा मुंबई में करेंगी। संगठन ने शबाना आजमी के हवाले से कहा कि भारत में 20 लाख बच्चे अपने पांचवें जन्मदिन से पहले काल के गाल में समा जाते हैं। इस दुखद तथ्य को ध्यान में रखते हुए हम सभी को बच्चों का जीवन बचाने में भूमिका अदा करनी होगी।

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