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अब कहीं ज्यादा मारक होगा मिग

अब कहीं ज्यादा मारक होगा मिग

आदमपुर स्थित वायुसेना का मिग-29 प्रीमियर एयरबेस दुश्मन की हर प्रकार की चुनौती से निपटने में समक्ष है। भारत-पाकिस्तान की सीमा से महज 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह केंद्र दुश्मन के लड़ाकू विमानों को छह मिनट के भीतर पहचान कर मार गिराने की क्षमता रखता है। पाकिस्तान में बढ़ती अस्थिरता के चलते इधर केंद्र को नया रूप देकर चौकस किया जा रहा है। मिग बेड़े का अत्याधुनिकीकरण हो रहा है। इसके तहत सभी 54 मिग-29 विमानों को नया स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए विमान जामनगर एयरफोर्स केंद्र भेजे जा रहे हैं तथा अगले साल तक विमानों को अपग्रेड कर लिया जाएगा। स्टेशन के प्रभारी और एयर कमोडोर एच. एस. अरोड़ा ने कहा कि अपग्रेड होने के बाद विमानों को किसी भी लोकेशन पर उड़ाना संभव होगा। इनके राडार को आधुनिक बनाया जाएगा। इनमें वैपन ले जाने की कैपिसिटी भी बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि आदमपुर एयरबेस की सुरक्षा के लिए 12 पिचौरा मिसाइलें हर समय तैनात रहती हैं। चूंकि एयरबेस पाक सीमा से सौ किमी की दूरी पर है इसलिए दुश्मन से सबसे पहला खतरा एयरबेस को ही होता है। अरोड़ा के अनुसार सीमा से यदि दुश्मन का कोई विमान एयरबेस पर हमले के लिए आता है तो सिर्फ छह मिनट की अवधि में यहां लगे एमजीआर और अन्य राडारों से उसे न सिर्फ ट्रेस कर लिया जाएगा बल्कि पिचौरा मिसाइलों से मार गिरा दिया जाएगा। 

केंद्र में तीन लांचर हैं जिनमें से प्रत्येक में चार मिसाइलें फिट की जा सकती हैं। ये मिसाइलें 20 किमी दूरी तक तथा 18 किमी ऊंचाई तक मार कर सकती हैं। यानी एयरबेस से 20 किमी की दूरी और 18 किमी की ऊंचाई पर किसी भी दुश्मन के विमानों को मार गिराने में एयरफोर्स केंद्र सक्षम है।

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