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लापरवाही उनकी आदत बन चुकी है

बहुत दुआ की, हे भगवान, हे इशु, हे अल्लाह, हे वाहे गुरु धोनी एंड कंपनी को इस क्रिकेट के भंवर से निकाल, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। पाकिस्तान की बेसाखी के भरोसे कब तक रहते! स्वयं बलवान क्यों नहीं बन जाते! पहले ही मजबूत कदम रखते तो ये नौबत नहीं आती। दरअसल इन लोगों को पकी-पकाई खाने की लत पड़ चुकी है। अपने घटिया प्रदर्शन पर शर्म तो नहीं आती, बल्कि दूसरी टीमों के परिणाम के लिए दुआएं करते फिरते हैं। लचर गेंदबाजी एवं आधारहीन बल्लेबाजी आखिर ले डूबी। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, दसियों बार हमें ऐसा अनुभव इस टीम ने दिया है फिर भी हम इनसे उम्मीदें रखते हैं। यह हमारा प्यार ही है जो ऐसा करने के लिए हमें मजबूर कर देता है। हर काम को लापरवाही से लेना एवं काम करने के बजाए दुआ करना इस टीम की आदत बन चुकी है, इससे छुटकारा पाना जरूरी है।
आनंद सिंह राणा, तुगलकाबाद एक्सटेंशन, नई दिल्ली

स्विस बैंकों में काला धन
भारत सरकार से अनुरोध है कि स्विस बैंकों में कुछ भारतीयों द्वारा जमा किया गया अरबों डालर काला धन शीघ्र वापस लाया जाए तथा उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं, जिन्होंने न केवल अनुचित ढंग से यह धन जमा किया है, बल्कि अपनी मातृभूमि से विश्वासघात भी किया है। इस बारे में सर्वोच्च न्यायालय के प्रयत्नों तथा जनहित याचिका लगाने वाले महानुभावों की हम हार्दिक प्रशंसा करते हैं।
जयदयाल सचदेव, सेक्टर-62, नोएडा

तर्कसंगत नहीं बयान
लड़ाकू विमान क्षमता संबंधी वायु सेना प्रमुख का बयान तर्कसंगत नहीं लगता। यदि हमारे पास लड़ाकू विमानों की कमी है तो हम सरकार से इस संबंध में वार्ता कर सकते हैं और सरकार का कर्तव्य बनता है कि वह उसे पूरा करेगी। इसमें चीन को बताने से कुछ नहीं होने वाला क्या वह हमें लड़ाकू विमान दे देगा? अपनी गोपनीयता को भंग कर या यूं कहिए कि हम अपनी कमजोरी दुश्मन के सामने रखकर क्या हासिल करना चाहते हैं। हम खुद अपने सैनिकों की हिम्मत तोड़ रहे हैं और दुश्मनों की हिम्मत बढ़ा रहे हैं। सेना प्रमुखों को सैनिकों की हिम्मत बढ़ाए जाने संबंधी बयान ही देने चाहिए।
  चन्द्रेश्वर गोस्वामी, हरिद्वार

बस स्टॉप बनाया जाए
नजफगढ़ रोड पर एक स्थान तूडा मंडी कहलाता है, यहां सड़क के दोनों ओर डीटीसी व ब्लू लाइन बसें रुकती हैं लेकिन सड़क के दोनों तरफ बस शेड नहीं है। यात्राियों को कड़ी धूप व बरसात का सामना करना पड़ता है। जबसे डीटीसी की स्थापना हुई, तब से यहां बस स्टाप नहीं बनया गया। डीटीसी प्रबंधक बस शेड बनवाएं।
श्याम सुन्दर, तिमारपुर, दिल्ली

गुटबाजी से परेशान
राजशेखर रेड्डी के समर्थक चाहते हैं कि मुख्यमंत्री पद उत्तराधिकार के तौर पर  जगनमोहन रेड्डी को मिले। जगनमोहन रेड्डी की सत्ता हासिल करने की आकांक्षा इतनी प्रबल है कि इसमें हो रही देरी उनके लिये असह्य होती जा रही है। इसी का नतीजा है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के पोस्टर उनकी ही पार्टी के लोगों ने फाड़ दिये।
सोहन सिंह, पंचकूला

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