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चैंपियन बनने को बेताव कंगारू-कीवी

चैंपियन बनने को बेताव कंगारू-कीवी

आस्ट्रेलियाई टीम लगातार दूसरा खिताब जीतने की दहलीज पर खड़ी है। वह चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में सोमवार को जब न्यूजीलैंड से भिड़ेगी तो आत्मविश्वास से भरे इस अंतर तस्मानियाई प्रतिद्वंद्वी से पार पाना उसके लिए आसान नहीं होगा।

रिकी पॉन्टिंग की टीम इंग्लैंड को वनडे सीरीज में 6-1 से हराने के बाद इस टूर्नामेंट में उतरी है। उसने चैम्पियंस ट्रॉफी में एक भी मैच नहीं गंवाया है। दूसरी ओर न्यूजीलैंड इस दुर्लभ मौके को नहीं गंवाना चाहेगा और उसके इरादे सेमीफाइनल में हारने का कलंक धोने के होंगे। दूसरी बार चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने के बाद अब उसे खिताब से कम पर संतोष नहीं होगा।

चैम्पियंस ट्रॉफी (2000-01) के सिवाय कोई बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत सकी न्यूजीलैंड टीम हमेशा से कठिन प्रतिद्वंद्वी रही है। वर्ष 1998 में शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कोई भी टीम दो बार खिताब नहीं जीत पायी है। लेकिन इस बार न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में से जो भी टीम सुपरस्पोर्ट्स मैदान में परचम लहराएगी उसके नाम दूसरी बार यह खिताब जीतने की उपलब्धि जुड़ जाएगी।

ऑस्ट्रेलिया उतना मजबूत नहीं लग रहा जितना दो साल पहले था। लेकिन बल्लेबाजों खासकर कप्तान रिकी पॉन्टिंग की शानदार फार्म ने उसे खिताब का सबसे प्रबल दावेदार बना दिया है। चैम्पियंस ट्रॉफी में पॉन्टिंग ने करीब 96 की औसत से 287 रन बनाये हैं। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में नॉटआउट 136 रन बनाने वाले शेन वाटसन का फार्म भी कीवियों की चिंता का सबब हो सकता है।

माइकल हसी की फार्म में वापसी ने मध्यक्रम में माइकल क्लार्क की कमी की भरपाई कर दी है।
ऑस्ट्रेलिया के पास तेज गेंदबाजों के रूप में सर्वश्रेष्ठ उभरते क्रिकेटर का आईसीसी पुरस्कार जीतने वाले पीटर सिडल, वर्ष के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर मिचेल जानसन, शानदार वापसी करने वाले ब्रेट ली और वाटसन जैसे सितारे हैं। तेज गेंदबाजों ने अतिरिक्त स्पिनर की कमी भी नहीं खलने दी है। पॉन्टिंग पहले ही कह चुके हैं कि उनकी टीम जरूरत पड़ने पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, ‘हम जिस दज्रे का क्रिकेट खेल रहे हैं, उससे बड़े मैच जीत सकते हैं। हम जरूरत होने पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। हम सही समय पर अच्छा प्रदर्शन करना जानते हैं।’

बड़े टूर्नामेंटों में छुपी रुस्तम रही कीवी टीम 50 ओवर के आईसीसी टूर्नामेंट में आठ बार सेमीफाइनल में हारी है। इस बार उसने यह कलंक धो दिया है और वह भी उस टूर्नामेंट में जिसे वह पहले जीत चुका है। न्यूजीलैंड के पास ऐसे हरफनमौला हैं जो अपने दम पर मैच जिताने का दम रखते हैं। कप्तान विटोरी अपनी टीम पर लगा सेमीफाइनल चोकर्स का ठप्पा मिटाने को लालायित हैं। उन्होंने कहा, ‘हम सेमीफाइनल से बाहर होने की बजाय टूर्नामेंट जीतने के इरादे से उतरे थे। हमारे भीतर आत्मविश्वास और जीत की जिजीविषा है। सेंचुरियन के सपाट विकेट पर उन्हें आक्रामक सलामी बल्लेबाज जेसी राइडर की कमी खलेगी जो ग्रोइन की चोट के कारण टीम से बाहर हैं। उनकी गैर मौजूदगी में विकेटकीपर बल्लेबाज मैकुलम, गुप्टिल और टेलर पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आन पड़ेगी।

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