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जेल में भिड़े राजा भइया और छोटा राजन के गुर्गे

जिला कारागार में रविवार को वर्चस्व की जंग में माफिया डॉन छोटा राजन के गुर्गो और राजाभइया समर्थकों में जमकर मारपीट हुई। हालात पर काबू के लिए जेल की पगली घंटी बजाकर चार बैरकों में लाठीचार्ज करना पड़ा। 
जिला कारागार के बैरक नंबर एक में छोटा राजन गिरोह का सक्रिय सदस्य खान मुबारक बंद है। इसी जेल की बैरक नंबर आठ में फूलपुर के पूर्व सांसद अतीक अहमद का करीबी एखलाख भी बंद है।

एखलाख की ही बैरक में कुण्डा विधायक कुँवर रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भइया’ के करीबी गुलशन यादव और छविनाथ यादव भी बंद हैं। रविवार को खान मुबारक से पहली शिफ्ट में मुलाकात करने के लिए अम्बेडकर नगर से बंटी और सदाब आए हुए थे। दोपहर करीब 12 बजे मुलाकात समाप्त होने के बाद अन्य साथियों के साथ खान मुबारक बैरक की तरफ जाने को हुआ तो रास्ते में मिले एखलाख, गुलशन और छविनाथ यादव से विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो हुई।

कई बैरकों में बंदियों के गुटों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसपर कारागार प्रशासन ने पगली घंटी बजा दी। असलहों के साथ सभी बंदीरक्षकों को बुला लिया गया। इसके बाद जेल प्रशासन ने बैरक नंबर एक, दो, तीन, सात और आठ में जमकर लाठियाँ भाँजीं। घटना की जानकारी होने पर अपर पुलिस अधीक्षक सीबी पाठक, क्षेत्रधिकारी नगर शिवाजी, त्वरित कार्रवाई बल और नगर कोतवाली की पुलिस भी आ गई।

इस बाबत कारागार के डिप्टी जेलर हरवंश पाण्डेय का कहना है कि कारागार में हाई सिक्योरिटी वाली बैरक नहीं है। एखलाख और खान मुबारक के बाबत तीन महीने से उन्हें किसी हाई सिक्योरिटी वाली बैरक में भेजने की माँग की जा रही है। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। फिलहाल रविवार को हुई घटना के बाबत जिलाधिकारी और कारागार के बड़े अफसरों को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

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