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सोनिया की रैली में दिखी गुटबाजी

कांग्रेस अध्यक्षा श्नीमती सोनिया गांधी की मौजूदगी के बावजूद पार्टी की करनाल रैली में गुटबाजी का बोलबाला रहा। जहां एक ओर पंडाल कई जगहों पर खाली दिखाई दिया वहीं सुनने आए लोगों की भीड़ भी खेमों में बंटी दिखाई दी। दर्शकों के बीच से जयकारों की आवाज भी टुकड़ों में और अपने-अपने नेताओं के समर्थन में उठ रही थी।

मंच के बांए तरफ पत्रकारों के बैठने के लिए जो जगह बनाई गई थी। वह ज्यादातर खाली थी। श्नीमती गांधी के आगमन से थोड़ा पहले अचानक महिलाओं का एक जत्था आया और देखते ही देखते उसने बांस-बल्लियों को जोड़ कर बनाई गई रैलिंग के बीच से पत्रकार दीर्घा में घुसना शुरू कर दिया। इस पर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका।

इसके पहले कि पुलिसवाले उन्हें वापस भेज पाते स्थानीय सांसद अरविन्द शर्मा वहां पहुंच गए और पुलिस पर दबाव बनाया कि वे भीड़ को प्रवेश करने दें। घटना के बाद पुलिसवालों ने भी ह्लकांग्रेसी हमलेह्व से मुंह फेर लिया और देखते-ही-देखते कुर्सियों की खींचतान, सर्मथकों की आवाज़ों और अरविन्द शर्मा जिन्दाबाद के नारे पत्रकार दीर्घा से उठने लगे, जिस पर सांसद शर्मा विजयी-मुस्कान बिखेरते हुए मंच की ओर चले गए।

जो बात देखने में आई वह यह कि तमाम महिलाओं के पास एक कार्ड जैसा था। जब पुलिसवालों ने उन्हें रोका तो वे उन्हें वही कार्ड दिखाने लगीं। बाद में पता चला कि किसी अखबार के नाम पर सभी दो-ढाई सौ महिलाओं को यह कार्ड जारी कर दिया गया था ताकि वे भी पत्रकार होने का दावा कर सकें। इसका अर्थ यही है कि सब कुछ पहले से तय होकर किया गया था। वहां मौजूद एक स्थानीय पत्रकार ने बताया कि सांसद ने यह सब कांग्रेस अध्यक्षा को दिखाने और अपना असर साबित करने के लिए किया है।

इसी बीच करनाल की उम्मीदवार सुमिता सिंह को भाषण के लिए बुलाया गया। उनके मंच पर पहुंचते ही पत्रकार दीर्घा में मौजूद भीड़ ने उनकी जिन्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए जिससे पता चला कि ह्लहमलावर महिला ब्रिगेडह्व वास्तव में सुमिता सिंह और श्नी शर्मा के मिले-जुले ह्यसिपाहियों का समूह था। इस घटना के बाद शर्माजी के समर्थकों की एक मर्दाना भीड़ ने भी दीर्घा के दूसरे हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया।

रैली का समय सवेरे दस बजे का दिया गया था। श्नीमती गांधी तकरीबन बारह बजे मंच पर पहुंची। उनके साथ मुख्य मन्त्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस अध्यक्ष फूलचन्द मुलाना, केन्द्रीय मन्त्री कुमारी शैलजा, पर्यवेक्षक विप्लव ठाकुर और पार्टी के महासचवि तथा हरियाणा के प्रभारी पृथ्वीराज चव्हाण इत्यादि मौजूद थे।

श्नीमती गांधी के मंच पर पहुंचते ही उनके नाम के नारों के अलावा भीड़ में बैठे लोग अपने-अपने नेताओं के नारे लगा रहे थे। खास बात जो देखने में आई वह यह थी कि मुख्य मन्त्री का नारा नहीं लगा। अपने तकरीबन दस मिनट के भाषण में श्नीमती सोनिया गांधी ने लोगों से कांग्रेस को वोट देने की अपील करते हुए आशा व्यक्त की कि वे मतदान वाले दिन हाथ के चुनाव-जिन्ह वाला बटन दबाएंगे और उन ताकतों को नकार देंगे जिन्होंने पांच साल तक शासन करके प्रदेश को बर्बाद कर दिया था और चारों ओर असुरक्षा और आतंक का वातारण बना दिया था।

अन्त में उन्होंने हुड्डा सरकार की उपलब्धियों की लम्बी फहरिश्त का ज़िक्र करते हुए कहा कि मुङो आशा है कि आप लोग प्रगति, शांति और सुरक्षा का साथ देंगे जो कांग्रेस की सरकार लाई है।

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