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गणित-विज्ञान में पीएचडी वाले भी बन सकेंगे निदेशक

गणित और विज्ञान में पीएचडी करने वाले भी अब सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के निदेशक बन सकेंगे। अभी तक इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नॉलॉजी में पीएचडी करना जरूरी होता था। निदेशक बनने के बाद इसी पद पर रहते हुए 65 वर्ष की आयु तक सेवा विस्तार भी मिलेगा। सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक की अर्हताओं में ऐसे ही कई बड़े बदलाव किए गए हैं। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के दिशा-निर्देशों के बाद प्रदेश सरकार ने यह नए मानक लागू कर दिए हैं।

दरअसल, इंजीनियरिंग कॉलेजों में निदेशक बनने के लिए जो मानक थे उनके अनुसार अभ्यर्थी नहीं मिल रहे थे। इसके कारण कई इंजीनियरिंग कॉलेजों में निदेशक ढूंढ़ना मुश्किल हो रहा था। यही कारण है कि एआईसीटीई ने मानक शिथिल करने के लिए पिछले दिनों दिशा निर्देश जारी किए थे। इन्हीं दिशा निर्देशों को प्रदेश सरकार ने लागू कर दिया है।

नए मानकों के आधार पर ही मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोरखपुर और केएनआईटी सुल्तानपुर में निदेशक की नियुक्ति की तैयारी भी कर ली गई है। इस बारे में प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा वृन्दा स्वरूप का कहना है कि एआईसीटीई के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर ही यह बदलाव किए गए हैं।

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