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7 फीसदी से ऊपर जा सकती है महंगाई

7 फीसदी से ऊपर जा सकती है महंगाई

खाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमत के कारण थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति की दर उम्मीद के विपरीत तेजी से बढ़ रही है और चालू वित्त वर्ष के अंत तक यह 7 फीसदी से अधिक हो सकती है।


मुद्रास्फीति की मौजूदा बढ़ोतरी अगर जारी रहती है तो महंगाई की दर रिजर्व बैंक के 5 फीसदी के अनुमान को पार कर जाएगी। मुद्रास्फीतिक दबाव से निपटने और वृद्धि दर की गति तेज करने की दोहरी चुनौतियों का सामना कर रहा केंद्रीय बैंक 27 अक्तूबर को मौद्रिक नीति की समीक्षा करेगा। यस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री शुभदा राव ने कहा कि मुद्रास्फीति अनुमान के मुकाबले अधिक तेजी से बढ़ रही है।

अगर मुद्रास्फीति की यह दर जारी रही तो यह मार्च 2010 तक 7 फीसदी से अधिक के स्तर पर पहुंच सकती है। मुद्रास्फीति 19 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 0.83 फीसदी के स्तर पर पहुंच गयी। इसका प्रमुख कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों का बढ़ना है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक थोक बाजार में आलू की कीमत में 81.18 फीसद बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी, जबकि चीनी की कीमत में 44.47 फीसदी का इजाफा हुआ है। 

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के प्रधान अर्थशास्त्री डी के जोशी ने कहा कि मुद्रास्फीति की दर तेजी से बढ़ रही है और चालू वित्त वर्ष के अंत तक यह 7 फीसदी के आंकड़े को छू
सकती है।  

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