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सिलेबस के बाहर से पूछे गए सवाल

पटना विश्वविद्यालय में मंगलवार से परीक्षाएं शुरू हो गईं। परीक्षा के पहले ही दिन सिलेबस के बाहर से प्रश्न पूछे जाने से छात्र तनाव में आ गए। एमएससी बॉयोटेक्नोलॉजी में सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे गए थे। छात्रों का कहना था कि अभी यह स्थिति है तो आगे क्या होगा? वहीं परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर शांति रही। वैसे पटना कॉलेज केंद्र से एक छात्र को नकल करते पकड़ा गया।ड्ढr पटना कॉलेज में चल रही एमएससी बॉयोटेक्नोलॉजी की परीक्षा के दौरान छात्रों को जसे ही पेपर मिले, उनके हाथ-पांव फूलने लगे।ड्ढr ड्ढr सिलेबस के बाहर से प्रश्न पूछे जाने को लेकर उन्होंने वीक्षकों से शिकायत की। इसके बाद विभाग के कोर्स को-ऑर्डिनेटर डा. वीरंद्र कुमार को बुलाया गया। जांच में उन्होंने छात्रों की शिकायत को सही पाया। इसके बाद छात्रों ने परीक्षा बहिष्कार करने का निर्णय लिया। लेकिन को-ऑर्डिनेटर के समझाने-बुझाने पर छात्र परीक्षा देने के लिए राजी किया। इस बार में पूछे जाने पर डा. कुमार ने बताया कि तीन प्रश्न सिलेबस से बाहर से पूछे गए थे। इस पर छात्रों को अन्य प्रश्नों का जवाब देने को कहा गया। उन्होंने कहा कि स्ववित्तपोषित पाठय़क्रमों में मॉडरशन बोर्ड नहीं होता है और इस कारण ऐसी परशानी होती है। साथ ही प्रश्न सेट करने वाले शिक्षकों को जो निर्देश जारी किए जाते हैं उसका पालन ठीक से नहीं हो पाता है। इसी कारण ऐसी दिक्कत आती है। परीक्षा विभाग ने भी छात्रों की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है।ड्ढr ड्ढr प्रथम पाली में स्नातक तृतीय वर्ष औरद्वितीय पाली में व्यावसायिक पाठय़क्रमों की परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर शांति रही।प्रति कुलपति प्रो. एसआई अहसन ने साइंस कॉलेज, पटना कॉलेज, पटना वीमेंस कॉलेज, मगध महिला कॉलेज आदि केंद्रों का निरीक्षण किया और स्थिति को सही बताया। परीक्षा नियंत्रक डा. सुरंद्र प्रसाद ने भी प्रथम पाली के दौरान विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। पढ़ाया कुछ, प्रश्न पूछा सिलेबस से बाहरड्ढr पटना (हि.प्र.)। इंटर परीक्षा के दूसर दिन छात्रों को अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना पड़ा। मंगलवार को इंटर व्यावसायिक कोर्स के तहत कंप्यूटर साइंस व वेब टेक्नोलॉजी की परीक्षा हुई। इसमें छात्रों को जो सिलेबस पढ़ाया गया था, उससे प्रश्न ही नहीं पूछे गए। सवाल पूछे गए समिति द्वारा तैयार सिलेबस से। मतलब जो कुछ पढ़ाया गया, वह समिति के सिलेबस से भिन्न था।ड्ढr ड्ढr इस खुलासे के बाद समिति के पदाधिकारियों की परशानी बढ़ गयी है। अब इस मामले की जांच कराने की बात की जा रही है। इन कोर्सो के छात्रों का क्या होगा? इस सवाल पर पदाधिकारी चुप हैं।ड्ढr इंटर विज्ञान, कला व वाणिज्य संकाय के छात्रों के लिए व्यावसायिक पत्र कंप्यूटर साइंस व वेब टेक्नोलॉजी की परीक्षा में पेपर को देखकर छात्र भौंचक रह गए। पेपर सिलेबस से बिल्कुल अलग था। छात्रों ने जब इसकी शिकायत वीक्षकों से की तो उन्हें असलियत का पता चला। इसके बाद छात्रों ने चुपचाप परीक्षा दी। छात्रों को कंप्यूटर की मौलिक जानकारी के बार में ही बताया गया था।ड्ढr ड्ढr आईसीटी स्कूल प्रोजेक्ट के तहत निजी कंपनियों को कंप्यूटर शिक्षकों की बहाली व कोर्स की पढ़ाई का जिम्मा सौंपा गया था। निजी कंपनियों ने अपना सिलेबस लागू कर दिया। कंप्यूटर साइंस व वेब टेक्नोलॉजी में छात्रों को कंप्यूटर का बेसिक कॉन्सेप्ट, पेंट, विंडो, प्रेजेंटेशन टूल, बेसिक वर्ड प्रोसेसिंग, इंटरनेट उपयोग, कंप्यूटर ओवरव्यू, विंडो एक्सपी वर्ड प्रोसेसिंग, नेटवर्किंग, बेसिक स्प्रीडशीट, एडवांस स्प्रीडशीट, इंटरनेट-2 व एचटीएमएल पढ़ाया गया।ड्ढr समिति की 12वीं के सिलेबस में छात्रों को प्रोग्रामिंग इन सी प्लस प्लस, डाटा स्ट्रक्चर, डाटाबेस एंड एसक्यूएल, बूलेन अलजेब्रा, कम्युनिकेशन एंड नेटवर्क कॉन्सेप्ट की पढ़ाया जाना है।ड्ढr समिति के अध्यक्ष प्रो. एकेपी यादव ने कहा कि इस मामले की जांच करायी जाएगी। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। परीक्षा के दौरान शांति रही। कम परीक्षार्थी रहने के कारण समिति के अध्यक्ष ने भी छापेमारी नहीं की।ं

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