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हाईवे को सात करोड़ का नुकसान


राज्य में इस साल बरसात के दौरान हुए भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्गो को करीब सात करोड़ की क्षति का आंकलन किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई की ओर से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत व स्थाई ट्रीटमेंट के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा  रहा है।

हर साल उत्तराखंड को  बरसात और भूस्खलन से करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ता है। सबसे अधिक नुकसान सड़कों को ङोलना पड़ता है। राज्य के दुर्गम व अति दुर्गम क्षेत्रों में अधिकांश मुख्य सड़कें राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत हैं। बरसात में इन सड़कों पर भूस्खलन की वजह से सबसे अधिक कहर टूटता है।

हालांकि इस साल पहाड़ी क्षेत्रों में औसत बरसात पिछले सालों की अपेक्षा कम ही रही है। लेकिन  कुछ जिलों में बारिश व भूस्खलन से कच्चे पहाड़ दरकने की वजह से राष्ट्रीय राजमार्गो को भारी नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई ने इस साल अभी तक हुई बारिश और भूस्खलन के कारण करीब 7 करोड़ का नुकसान का अनुमान लगाया है।  

राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई के अधीक्षण अभियंता हरिओम शर्मा के अनुसार अब तक बरसात से पहाड़ी क्षेत्रों में ही नुकसान का आंकलन किया गया है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरसात से काफी नुकसान हुआ है। हल्द्वानी- ज्योलीकोट से कर्णप्रयाग, केदारनाथ मार्ग तथा पिथौरागढ़ में फटाल से आराकोट राष्ट्रीय राजमार्गो की स्थिति भी बिगड़ी है। इसके अतिरिक्त कुछ और अन्य मार्गो पर नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

फिलहाल सभी मार्गो को आवागमन के लिए खोल दिया गया है। विभागीय स्थाई ट्रीटमेंट की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि बरसात में सड़कों को हुई क्षति को देखते हुए केंद्रीय भूतल व परिवहन मंत्रलय को शीघ्र ही एक प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।

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