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झूठा शपथपत्र देने वाले प्रत्याशी खाएंगे जेल की हवा

लुभावनी घोषणाओं का सब्जबाग दिखाकर मतदाताओं से वोट हासिल करने वाले प्रत्याशी भारत चुनाव आयोग को चकमा नहीं दे पाएंगे। नामांकन दाखिल करने के वक्त दाखिल शपथ पत्र के अलावा अब चुनावी खर्चे के भी शपथ पत्र देने होंगे। जिनका मिलान चुनावी पर्यवेक्षक के रिकार्ड से किया जाएगा। झूठा शपथ पत्र देने वाले के खिलाफ चुनाव आयोग सख्त कार्रवाई करेगा।

पुलिस में धोखाधड़ी का मुकद्दमा दर्ज करवाना इनमें से एक होगा। नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 सितंबर से 12 अक्टूबर तक प्रत्याशियों को चुनावी खर्च का ब्यौरा देना है। किस काम पर कितना खर्च किया? बिल सहित इसकी जानकारी पर्यवेक्षक को देनी होती है। रिटर्निग आफिसर के दफ्तर में खर्च का विवरण लेने के लिए टीम तैनात है।

रोजाना रजिस्टर मैंटेंन किया जा रहा है। प्रत्याशियों ने अभी तक दस से 50 हजार रुपये तक का खर्च दिखाया है। प्रचार में जुटी गाड़ी का तेल, पोस्टर, बैनर इनमें मुख्य खर्च हैं। प्रत्याशी के अलावा पर्यवेक्षक हल्के में घूमकर प्रत्याशियों के खर्च का जायजा ले रहे हैं। जिसका प्रत्याशियों के दिए खर्च ब्यौरे से मिलान किया जाता है।

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