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50 लाख का अनाज नष्ट कर देते हैं चूहे

चूहे हर साल 50 लाख रुपए की कीमत का अनाज नष्ट कर देते हैं। साधनों के अभाव में किसान तो अनाज का उचित भंडारण कर ही नहीं पाते। सरकारी गोदामों में इंतजाम होने के बाद भी बड़ी मात्र में अनाज नष्ट होता है।
अनाज का बहुत बड़ा भाग उचित भंडारण के अभाव, चूहों, घुन, पई आदि के कारण नष्ट हो जाता है। जिस कारण किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। इसमें चूहों से ज्यादा नुकसान होता है। दुनिया में हर साल साढ़े पांच करोड़ मीट्रिक टन अनाज चूहे नष्ट कर देते हैं। जबकि भारत में 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं और धान चूहें बरबाद करते हैं। किसानों के साथ-साथ सरकारी गोदामों में भी अनाज का नुकसान होता है। जिले में करीब एक दजर्न सरकारी गोदाम है। इनमें किसानों से खरीदकर अनाज इकट्ठा किया जाता है। दो-चार दिन में ही इस अनाज को बड़े गोदामों में भेज दिया जाता है। एक अनुमान के अनुसार, मेरठ मंडल में हर साल 50 लाख रुपए कीमत का अनाज चूहों के कारण नष्ट हो जाता है। वरिष्ठ खाद्य विपणन निरीक्षक हरिमोहन सिंघल ने बताया कि हापुड़ में एफसीआई का सबसे बड़ा अनाज गोदाम है। इस गोदाम में हजारों मीट्रिक टन अनाज का भंडारण किया जाता है। चूहों से अनाज बचाने के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं। इन इंतजामों पर करीब एक लाख रुपए का खर्च आता है। जिले भर में चूहों से बचाव के लिए करीब पांच लाख रुपए का खर्च आता है। अनाज को बचाने के लिए दवाओं का छिड़काव किया जाता है।

जिले में स्थित सरकारी गोदाम
हापुड़ में एफसीआई गोदाम, हापुड़, मोदीनगर, मुरादनगर, गढ़मुक्तेश्वर, लोनी, गाजियाबाद, सिंभावली, पिलखुआ, भोजपुर स्थित खाद्य विभाग के गोदाम।
अनाज भंडारण करने वाली एजेंसियां
कृषि विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, एफसीआई, यूपीएफसी, यूपी स्टेट एग्रो, पीसीएफ, उद्यान विभाग, राशन डीलर।

बचाव पर होने वाला खर्च
सरकारी विभागों और निजी गोदाम मालिकों द्वारा अनाज का भंडारण किया जाता है। चूहों से अनाज बचाने को करीब पांच लाख रुपए खर्च करते हैं। इसमें दवाओं का छिड़काव, चूहामार दवाओं का प्रयोग, अनाज का सुरक्षित भंडारण पर होने वाला खर्च शामिल है।


अनाज भंडारण का उचित तरीका
-भंडार के पूर्व गोदाम की पूरी मरम्मत करा ली जाए। जिससे कीट-नमी आदि का प्रवेश न होने पाए।
-अनाज रखने से पहले 50 प्रतिशत मैलाथियान 1:100 के अनुपात में 1 लीटर दवा को 100 लीटर पानी में घोलकर तीन लीटर प्रति 100 वर्ग मीटर की दर से छिड़कना चाहिए।
-अनाज को अच्छी तरह सुखाकर रखें।
-गुणवत्ता के आधार पर बीज को अलग-अलग बोरों में रखें।
-गोदाम की जमीन पर दो से ढाई फीट तक नए भूसे की तह लगा दें।
-अनाज को दीवारों से दो फीट की दूरी पर रखें।
-गोदाम में चूहानाशक दवाओं का प्रयोग करें।
-सल्फास या फास्टाक्सीन कीटनाशकों का प्रयोग करें।

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