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गोमती नदी की जल संचयन क्षमता बढ़ाने के लिए नया बैराज बनेगा

राज्य सरकार लखनऊ में गोमती नदी की जल संचयन क्षमता बढ़ाने के लिए अम्बेडकर स्मारक के आगे एक नया बैराज बनाएगी। मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को नदी की सफाई और गोमती एक्शन प्लान के तहत चल रहे कार्यो का निरीक्षण के दौरान जल निगम व सिंचाई विभाग के अफसरों को उक्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोमती नदी की डाउन स्ट्रीम में आगे की ओर एक नया बैराज बनाया जाए। इससे शहर के भीतर नदी में पानी बढ़ाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट(एसटीपी) के बारे में जानकारी हासिल की। एसटीपी के पूरा हो जाने के बाद सभी नाले एसटीपी में जाएँगे। इससे गोमती का पानी अधिक स्वच्छ हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की बढ़ती हुई जनसंख्या के मद्देनजर पेयजल की बढ़ी माँग को पूरा करने के लिए नदी के जलाशय की क्षमता को बढ़ाया जाना जरूरी है।

मौजूदा वक्त में गऊघाट से बैराज तक 12 किलोमीटर लम्बा जलाशय है। अब नदी की क्षमता बढ़ाई जानी है। लिहाजा नया जलाशय अब नदी के डाउन स्ट्रीम में कुछ आगे बनाया जाए। इससे एक ओर जहाँ नदी की जल संचयन क्षमता में इजाफा होने से पेयजल की समस्या हल होगी वहीं दूसरी ओर गोमती नदी को नया जीवन मिलेगा और शहर की सुन्दरता में निखार आएगा। नए बैराज के लिए सरकारी महकमों को प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

ध्यान रहे कि लखनऊ शहर की वर्षो पहले की जनसंख्या को आधार मानकर गोमती नदी पर बैराज बनाकर गऊघाट से लेकर बैराज तक करीब 12 किलोमीटर लंबा जलाशय बनाया गया था। इस जलाशय से पानी लेकर जल संस्थान ट्रीटमेंट के बाद शहर को पेयजल की सप्लाई करता है। अब आबादी कई गुणा बढ़ जाने से पेयजल की माँग में खासा इजाफा हुआ है।

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  • Web Title:गोमती नदी पर नया बैराज बनेगा