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फिक्र उड़ा रही हैं.. जिंदगी उड़ जाएगी

फिक्र उड़ा रही हैं.. जिंदगी उड़ जाएगी

क्या गम सिर्फ पुरुषों को ही होता है, हम महिलाओं को कोई टेंशन नहीं घेरती? जब हम परेशानियों से अछूती नहीं हैं, तो हमें उसे धुएं में उड़ाने से पाबंदी क्यों? आखिर हमें भी तो स्ट्रेस कम करने के लिए कुछ चाहिए न!
यह कहना है मल्टीनेशनल कंपनी में उच्च पद पर काम कर रही आज की एक प्रोफेशनल युवती का। हर क्षेत्र की तरह नशे के सेवन के मामले में भी आज की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। अमेरिकन कैंसर सोसायटी और वर्ल्ड लंग फाउंडेशन द्वारा कराए गए हालिया अध्ययन के मुताबिक पश्चिमी देशों की तरह भारतीय महिलाओं में भी धूम्रपान की प्रवृति बढ़ रही है। कुल 20 देशों की इस लिस्ट में अमेरिका और
चीन के बाद तीसरे नंबर पर भारत का ही स्थान है।  अध्ययन बताता है कि अन्य महिलाओं की अपेक्षा धूम्रपान करने वाली महिलाएं कम जीती हैं, साथ ही यह भी बताया गया है कि अनुमानत: रोजाना दुनिया में तकरीबन 25 करोड़ महिलाएं धूम्रपान करती हैं।

इस पर इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सीनियर कार्डियक सर्जन डा़ गणोश कुमार मणि बताते हैं कि -‘आज के युवा जिस तरह की लाइफ स्टाइल जी रहे हैं, वही उनमें बढ़ते रोगों की वजह है। पिछले कुछ सालों में महिलाओं में धूम्रपान करने की आदत बढ़ी है। अपने बढ़ते स्ट्रेस लेवल को कम करने की फिराक में वह धूम्रपान करने लगती हैं, जो उनका अवसाद कम करने की बजाय कई बीमारियों का कारण बन जाता है।’ अगर आप भी अपनी टेंशन से छुटकारा पाने के लिए स्मोकिंग का रास्ता अपनाते हैं तो वक्त रहते ही चेत जाएं, क्योंकि गम कम करने का यह तरीका अच्छा नहीं है गालिब! 

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