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आउट ऑफ द बाक्स

अंग्रेजी भाषा की एक अभिव्यक्ति ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ का आजकल बड़ा चलन है। कारण? अच्छी कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को ही नौकरी देने में यकीन करती हैं, जो ‘आउट ऑफ बॉक्स थिंकर’ हों। ‘आउट ऑफ बॉक्स थिंकर’ ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है, जो बंधे-बंधाए ढर्रे से अलग हटकर सोचता हो, नए आइडिया देता हो, उनके प्रति खुला रवैया रखता हो, और नई सोच के साथ यथास्थिति की जड़ता को तोड़ने का माद्दा दिखा सके। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में ऐसे कर्मचारी वाकई किसी भी कंपनी के लिए वरदान साबित होते हैं। ये तरीके अपना कर आप भी ‘आउट ऑफ बॉक्स थिंकर’ बन सकते हैं-

- याद रखिए, केवल मूर्ख लोग ही अपने दिमाग के दरवाजे बंद रखते हैं। इसलिए हर तरह के नए विचारों और कार्यशैलियों के प्रति स्वागत का रवैया अपनाएं। इससे आपके दिमाग का विकास होगा। जड़ता से मुक्त दिमाग ही किसी मसले का नया और चमत्कारी हल दे सकता है।

- किसी भी मसले से निपटने के लिए नित नए तरीके खोजें। क्योंकि हर मसले को हैंडल करने के लिए निश्चित फॉर्मूला अपनाना आसान तो होता है, लेकिन जरूरी नहीं कि हर बार कारगर ही हो। अनजानी राहों पर चलने से नई कामयाबियां मिलती हैं। 

- हर काम जोश और उमंग के साथ करें, बोझ समझ कर बेमन से नहीं। कामयाबी की तलब अंदर से पैदा होनी चाहिए, दबाव में नहीं। इससे प्रदर्शन शानदार होता है।

- दूसरे क्या कहते हैं, इस पर गौर करें। स्मार्ट थिंकर में दूसरों को सुनने का जबर्दस्त माद्दा होता है, इसलिए अपने सहकर्मियों और मातहत स्टाफ से विचार-विमर्श करने और प्रेरणा लेने में संकोच या शर्म न करें।

- याद रखिए, आपका एटीट्यूड ही आपको बनाता है। इसलिए दूसरों की राय को सपाट तरीके से नज़र अंदाज और नामंजूर न करें। ये न भूलें कि नए और कारगर आइडिया किसी भी इंसानी दिमाग से जन्म ले सकते हैं।

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  • Web Title:आउट ऑफ द बाक्स