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सरकार पर बरसे आंदोलनकारी

गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग को लेकर शुक्रवार को आहूत बंद का कुमाऊं में मिला-जुला असर रहा। नैनीताल में धरना प्रदर्शन किया गया। यहां बंद का असर नहीं दिखाई दिया। हल्द्वानी में बंद का मिला-जुला असर रहा। सुबह 11 बजे के बाद लोगों ने दुकानें खोलनी शुरू कर दीं। अपराह्न् दो बजे तक अधिकांश दुकानें खुल गई थीं। भीमताल में भी दुकानें खुली रही। भवाली में बंद का असर दिखा।

तल्लीताल में महात्मा गांधी मूर्ति के समीप हुई सभा में प्रदर्शनकारियों ने स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया। सभा में पद्श्री प्रो.शेखर पाठक, पूर्व सांसद महेंद्र पाल, राम पंत, गिरजा शरण सिंह खाती, मोहन पाठक, शीला रजवाल, प्रो.उमा भट्ट, कंचन भंडारी, तारा साही, महेश जोशी, चंचला बिष्ट, वसंती पाठक आदि शामिल थे। संचालन राजीव लोचन साह ने किया।

हल्द्वानी में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने बुद्ध पार्क में धरना दिया। संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बंद का मिला जुला-असर रहा। वहीं उक्रांद कार्यकर्ताओं ने मुजफ्फरनगर कांड के शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी। धरना स्थल पर युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय उपध्यक्ष संतोष कबड़वाल ने कहा कि गैरसैंण राजधानी का मुद्दा जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण का स्थाई राजधानी बनना जरूरी है।

प्रेमबाबू रावत ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की लड़ाई उक्रांद सड़कों से लेकर सदन तक लड़ेगा। इस मौके पर केडी पांडे, खड़क सिंह बगड़वाल, विजया ध्यानी, कमला बेलवाल, अलाउद्दीन सिद्दीकी, मोहिनी रावत, प्रकाश पाण्डे, एनडी तिवारी, दिनेश नौटियाल, अमित चौहान जयदीप, जीवन सिंह आदि मौजूद थे।

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