DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ओबामा का जादू फेल, रियो ने बाजी मारी

ओबामा का जादू फेल, रियो ने बाजी मारी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का जादू भी शिकागो को ओलंपिक मेजबानी दिलाने में नाकाम रहा और ब्राजील के शहर रियो डि जेनेरियो ने 2016 में होने वाले खेल महांकुभ की मेजबानी हासिल करके शुक्रवार को बाजी मार ली।

दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति का भावनात्मक आग्रह भी काम नहीं आया। इससे ओलंपिक की मेजबानी को लेकर चली कड़ी जंग का पता भी चलता है जिसमें रियो डि जेनेरिया ने मैड्रिड, तोक्यो और शिकागो को पीछे छोड़कर ओलंपिक का मेजबान बनने का गौरव हासिल किया। यह पहला अवसर होगा जबकि दक्षिण अमेरिका के किसी शहर में इन खेलों का आयोजन किया जाएगा। रियो डि जेनेरियो के लिए हालांकि मेजबानी हासिल करना आसान नहीं रहा।

होनोलुलु में जन्में ओबामा अपने विरोधियों की आलोचना को दरकिनार करके शिकागो का पक्ष रखने के लिए स्वयं यहां मौजूद थे। वह डेनमार्क की राजधानी में जितने समय भी रहे उनका एकमात्र एजेंडा शिकागो को मेजबानी दिलवाना रहा। अमेरिकी की प्रथम महिला मिशेल ओबामा ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। वह शिकागो की रहने वाली है और बुधवार से उन्होंने यहां कई बैठकों में भाग लिया लेकिन उनका जादू भी मतदाताओं को नहीं रिझा पाया। मिशेल ने वादा किया था कि हम इन खेलों को दुनिया तक पहुंचने के लिए वाहन की तरह उपयोग करेंगे, लेकिन यह सब काम नहीं आया तथा शिकागो मतदान के पहले दौर में बाहर हो गया।

शिकागो की तरह तोक्यो ने भी काफी कोशिश की थी। ओबामा के बाद जापान के प्रधानमंत्री युकी होतोयामा ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी थी और बताया कि पर्यावरणीय दृष्टि से तोक्यो का ग्रीन ओलंपिक का आयोजन करना कितना महत्वपूर्ण है। मेजबानी की दौड़ में शामिल चारों शहरों में से केवल तोक्यो को ही ओलंपिक के आयोजन का अनुभव था। उसने 1964 में ओलंपिक की मेजबानी की थी। तोक्यो भी मतदाताओं को नहीं रिझा पाया और दूसरे दौर में बाहर हो गया जिससे मुकाबला रियो डि जेनेरिया और मैड्रिड के बीच रह गया।

स्पेन के प्रधानमंत्री जोस लुईस रोड्रिग्ज जपाटेरो ने मैड्रिड की दावेदारी की अगुआई की। स्पेन में इससे पहले 1992 में बार्सिलोना में ओलंपिक का आयोजन किया गया था। स्पेन के प्रतिनिधिमंडल में आईओसी के पूर्व अध्यक्ष 89 वर्षीय जुआन एंतेनियो समारांच भी थे जिन्होंने मैड्रिड को मेजबानी देने की अपील की। स्पेन के राज जुआन कार्लोस और फुटबाल क्लब रीयाल मैड्रिड के कप्तान राल भी मौजूद थे लेकिन रियो डि जेनेरियो के सामने किसी की नहीं चली।

ओबामा की तरह ब्राजील के राष्ट्रपति लुई इनासियो लुला डि सिल्वा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के 95 मतदाताओं को रिझाने के लिए यहां पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मैं ईमानदारी से कहता हूं कि अब ब्राजील का वक्त है। दुनिया में आर्थिक रूप से चोटी के दस देशों में ब्राजील ही ऐसा है जिसने ओलंपिक आयोजन नहीं किया है। हमें मौका दो और आपको इस पर खेद नहीं होगा।

ब्राजील ने फीफा के पूर्व अध्यक्ष 93 वर्षीय जओ हावेलेंज को रियो डि जेनेरियो की प्रस्तुति की शुरुआत करने के लिए चुना और उन्होंने बड़ी भावनात्मक अपील की। हावेलेंज ने कहा कि मैं आप सभी को अपने 100वें जन्मदिन पर 2016 में नए ब्राजील में अपने शहर में आमंत्रित करता हूं। रियो में मेरा जन्म हुआ। वहीं से मैंने अपनी यात्रा शुरू की और इतिहास बनते हुए देखा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ओबामा का जादू फेल, रियो ने बाजी मारी