DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पांडुलिपि में दीमक

वे विशुद्घ थे। व्यावसायिक भी, वाकपटु भी। व्यावहारिक तो खैर वे थे ही। कुल मिलाकर वे मोहल्लास्तरीय लेखकों की पुस्तकों के प्रसिद्घ अखिल भारतीय प्रकाशक थे। मेरी पुस्तक भी छापना चाहते थे। वह तो बहुत बाद में पता चला कि वे पुस्तक नहीं, करेंसी छापने में इंटरेस्टेड थे। जब उन्होंने मेरे सामने यह ऑफर रखा था कि इस बार मैं अपनी पांडुलिपि उन्हें ही दूं, मेरा कोना-कोना गद्गद हो उठा था। मैंने सुन रखा था कि बड़े लेखकों की किताबें छापने की खातिर प्रकाशक उनके इर्द-गिर्द चक्कर लगाया करते हैं। मैंने फूलते हुए उन्हें टाल दिया। उन्होंने पीछा नहीं छोड़ा। लगे रहे।

लगे रहना एक अच्छे प्रकाशक का गुण है। लेखक तो मूडी होता है। उसे सही रास्ते पर लाने के लिए लगे रहना जरूरी है। अंतत: उन्हें कामयाबी प्राप्त हो ही गई। वे मेरी पांडुलिपि हथियाकर चंपत हो लिए। लगभग तीन महीने बाद एक अन्यत्र स्थल पर बरामद हुए।
‘मेरी किताब का क्या हुआ?’-मैंने पूछा।
‘पाइप लाइन में है। परेशानी यह है कि मैं आजकल अपने गोदाम में दीमकों से परेशान हूं। इस साल के एंड तक उम्मीद रखिए।’-वे बोले।

मुझे उनका प्रकाशकीय लहजा जंचा नहीं। मैंने कुरेदते हुए कहा, ‘कोई कठिनाई हो तो किसी और को छपने को दे दूं!’ वे मेरे करीब आ गए। अत्यंत स्नेहिल भाव से बोले,‘कितने परसेंट की उम्मीद करूं?’ मैंने कहा,‘दस परसेंट तो सभी देते हैं।’
‘यह तो बहुत कम है। दूसरे लेखकों से तो फिफ्टी से हंडरेड परसेंट का रेट चल रहा है।’
‘इतनी रॉयल्टी कौन देता है?’ मैं चौंका। वे मेरे भोलेपन पर मरहम मलते कहने लगे,‘यहां रॉयल्टी की बात कौन कर रहा है? मैं तो पूछ रहा हूं कि आप अपनी ओर से कितना परसेंट इन्वेस्ट कर सकते हैं?’
‘चवन्नी नहीं’, मैंने खीजते हुए कहा। वे यथावत शांत रहे। अधैर्य मनुष्य का शत्रु है, यह मूलमंत्र उन्हें पता था।

‘सरकारी परचेज में तो कोई जुगाड़ होगी!’, उन्होंने प्रकाशकीय चश्मा नीचे सरकाते हुए पूछा। मैंने असमर्थता जताई। उन्होंने धीरे से अपना ब्रीफकेस खोला। मेरी वाली पांडुलिपि निकाली। बोले,‘गोदाम में दीमक लग गई हैं। कई क्विंटल पांडुलिपियां और पुस्तकें चाट चुकी हैं। आप वाली बच गई।’ मैंने देखा, उन प्रकाशक महोदय की अटैची से भी दीमकों की कतारें निकलनी आरंभ हो चुकी थीं। मैंने अपनी पांडुलिपि झपटी और चंपत हो लिया। किसी और प्रकाशक की तलाश में। वे चल पड़े अपनी दीमक के लिए किसी और भोजन की तलाश में।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पांडुलिपि में दीमक