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विदेशों में भी हावी है गांधी का जादू

गैर भारतीय मुल्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जादू लोगों पर हावी हैं। महात्मा गांधी संपरूण विश्व में ऐसा विषय बन चुके है कि आम लोगों और विदेशी शोध कर्ताओं में उनके व्यक्तित्व, जीवन दर्शन तथा उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं और स्थानों के प्रति बेहद रोमांच है। महात्मा गांधी के जीवन से संबंधित चित्रों, साहित्य और समय-समय पर भारत सरकार तथा विश्व के कई देशों के द्वारा महत्वपूर्ण सामग्री प्रकाशित करने के साथ ही जारी की गई। गांधी से संबंधित साहित्य और सामग्री का बागपत जिले के शहजाद राय शोध संस्थान बड़ौत में गांधी समग्र नामक विशेष अनूठा संग्रह है। जहां देशी-विदेशी शोधकर्ताओं का आवागमन लगा रहता है।

गांधी समग्र नामक संग्रहालय में विशेष तौर पर गांधी थीम को लेकर भारत एवं अन्य राज्यों द्वारा जारी किए डाक टिकट, प्रथम दिवस आवरण, स्मृति सिक्कों का अमूल्य संग्रह किया गया है। इस संग्रह में विशेष तौर पर अभी हाल ही में जारी किये गए उजबेकिस्तान सरकार की ओर से जारी किए गए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से संबंधित 25 डाक टिकटों की सीरीज को भी शामिल किया है।

जिनमें महात्मा गांधी के बचपन से लेकर उनके जीवन से संबंधित विभिन्न  महत्वपूर्ण घटनाओं को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है। इसी तरक के सेटा आईसलैड नामक देश के द्वारा जारी किये चार डाक टिकटों का सेट भी गांधी सग्रह संग्रहालय में अभी शामिल हुआ है। इसमें रिफ्लेक्शन तकनीक के द्वारा महात्मा गांधी का चित्र एक कोण से तथा दूसरे कोण से महात्मा गांधी के साजो-सामान को अंकित किया गया है। जहां इस अनूठे संग्रह में विभिन्न राष्ट्रों द्वारा जारी किये गए डाक टिकटों का सग्रह है।

वहीं भारत सरकार व अन्य राष्ट्रों के द्वारा माहत्मा गांधी की जनशताब्दी व अन्य विशेष मौके पर जारी किये गए स्मृति सिक्कों, स्मृति चिह्नों तथा महात्मा गांधी के विशेष पर खीचे गए चित्रों का भी नायाब संग्रह किया गया है। एक ऐसी जैन धार्मिक पुस्तक भी इस संग्रह में मौजूद है। जिस पर महात्मा गांधी ने खुद हस्ताक्षर किये थे।

इस प्रकार गांधी समग्र नामक विशेष संग्रह को लेकर शहजाद राय शोध संस्थान बडौत की एक महत्वकांक्षी योजना है। जिसके तहत संस्थान के डायरेक्टर अमित राय जैन का प्रयास है कि महात्मा गांधी के जीवन व दर्शन से संबंधित सभी विषय वस्तुओं को संजोया जाए। ताकि आने वाली पीढ़ियां महात्मा गांधी के महान व्यक्तित्व से प्रेरणा प्राप्त कर सके।

इस संग्रह को देखने और समझने के लिए देशी-विदेशी शोधकतर यहां जुटते रहते है। निदेशक अमित राय जैन के मुताबिक बहुत जल्द किसी विशेष संग्रहालय में एक दीर्घा बनाकर इन वस्तुओं को शहयाद राय शोध संस्थान द्वारा प्रदर्शित किये जाने की योजना है।

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