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26 मई, 2020|10:31|IST

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शराब के कारोबार पर चुनाव आयोग की नजर

चुनाव में शराब के बदले वोट बटोरने वाले प्रत्याशियों के मंसूबों पर पानी फिर सकता है। चुनाव आयोग की नजर इन दिनों जिले में शराब की खपत पर टिक गई है। चुनाव आब्जर्वर ने जिला निर्वाचन अधिकारी से जिले में रोजाना शराब की बिक्री की रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा आब्जर्वर के निर्देश पर आबकारी एवं काराधान विभाग ने विधानसभा क्षेत्र के अनुसार अधिकारियों की टीम गठित की है। इसके सदस्यों को अन्य प्रदेशों से आने वाली अवैध शराब की आवक को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

आब्जर्वर राजकुमार पाठक ने बताया कि सभी क्षेत्रों के आब्जर्वर्स ने अपने क्षेत्रों की शराब की बिक्री की रिपोर्ट मांगी है। इससे पता चलेगा कि शराब का दुरूपयोग चुनाव में हो रहा है अथवा नहीं। विशेषकर स्लम बस्तियों और घनी आबादी वाली कालोनियों में शराब की बिक्री पर ध्यान दिया जा रहा है। आबकारी एवं काराधान आयुक्त अनूप सिंह का कहना है कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है। विभाग अब शराब की दुकानों पर बिक्री की रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजेगा। शराब की तस्करी रोकने के लिए पहले से गठित टीम को विशेष हिदायत दी गई है। इंस्पेक्टरों की टीम रात में भी निगरानी करेगी। 

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