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1 जून, 2020|2:23|IST

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प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है नरसंहार: राजद

राजद ने खगड़िया नरसंहार को प्रशासनिक लापरवाही करार दिया। राजद की जांच टीम ने कहा कि गांव में वर्षो से भूमि विवाद चल रहा था। स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी थी। एक समय एहतियात के तौर पर पुलिस चौकी की भी स्थापना की गई। मगर बाद में पुलिस चौकी हटा ली गई। राजद की जांच टीम में प्रदेश प्रधान महासचिव रामकृपाल यादव, विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रो. गुलाम गौस, विधायक रामानुज प्रसाद, शिवचंद्र राम, पूर्व सांसद आरके राणा और पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद शामिल थे।

जांच टीम की अगुआई कर रहे रामकृपाल यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में नक्सलियों का विस्तार हुआ है। इससे पहले अलौली में लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान के भाई के गेस्ट हाउस पर नक्सलियों ने हमला किया था। उस समय अगर सरकार इस इलाके में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता।

उन्होंने कहा कि विकासहीनता के कारण नक्सली बढ़ रहे हैं। सरकार जमीन संबंधी विवादों का निबटारा नहीं करती है। उन्होंने कहा कि नरसंहार में मारे गए लोग जमीन्दार नहीं, बेहद गरीब थे। जिस तरह से इस घटना को अंजाम दिया गया है, उससे पता चलता है कि तैयारी पहले से चल रही थी। इससे बावजूद प्रशासन को नक्सल गतिविधियों की जानकारी नहीं मिल पाई। उन्होंने गांव में तुरंत थाना खोलने की भी मांग की।

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